चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव प्रखंड स्थित पडसा गांव में आदिवासी हो समाज युवा महासभा और मानकी-मुंडा कोल्हान पोड़ाहाट के संयुक्त तत्वावधान में आदिवासी एकता, अस्मिता एवं अखंडता विषय पर एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोल्हान के विभिन्न गांवों से मानकी-मुंडा, ग्राम प्रधान, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में मझगांव क्षेत्र में आदिवासी समाज के लोगों पर लगातार हमले हो रहे हैं। साथ ही देशाउली (आदिवासी धार्मिक स्थल) के साथ कथित छेड़छाड़ और विरोध करने पर चार आदिवासी युवकों के साथ मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया। घटना में घायल युवकों ने बैठक के दौरान अपनी आपबीती सुनाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि आदिवासी समाज के साथ हो रही घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि कानून को हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती। राज्य सरकार और जिला प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बना रहे।

बैठक के बाद 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जगन्नाथपुर के डीएसपी और मझगांव के अंचल अधिकारी (सीओ) से मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष जांच और विधिसम्मत कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में मानकी-मुंडा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुआ, आदिवासी हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपिल सामड, पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष भूषण पाट पिंगुआ, दुखनी सोरेन, गब्बर सिंह हेंब्रम, देवराज चातर, परमानंद बिरुवा, प्रदीप बिरुवा, रितेश तमसोय, रेयांश सामड, माधव चंद्र कुंकल, लंकेश्वर तामसोय, सोमा कोड़ा, वीर सिंह बालमुचू, संदीप सन्नी देवगम सहित कई वक्ताओं ने विचार रखे। बैठक में राजनगर, सरायकेला, चाईबासा, कुमारडुंगी, मंझारी, तांतनगर, झींकपानी, हटगामरिया और जगन्नाथपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से लोग शामिल हुए।
बैठक में थाना प्रभारी के निलंबन, दोषियों की गिरफ्तारी समेत कई प्रस्ताव पारित किए गए। इसके अलावा कुछ अन्य सामाजिक एवं सामुदायिक निर्णय भी लिए गए, जिन पर वक्ताओं ने चर्चा की।
नोट: बैठक में कुछ ऐसे प्रस्ताव भी पारित किए गए जिनमें एक विशेष समुदाय के खिलाफ बहिष्कार और प्रतिबंध जैसी मांगें शामिल थीं। ये प्रस्ताव बैठक में व्यक्त प्रतिभागियों के विचार हैं। प्रशासन की ओर से इन पर कोई आधिकारिक निर्णय या आदेश जारी नहीं किया गया है।
http://मझगांव : ग्राम अम्बाईमार्चा मे पाला आयोजन का हुआ समापन








