Gamharia (गम्हरिया) : प्रखंड कार्यालय स्थित सीडीपीओ कार्यालय परिसर में ‘समर अभियान’ के तहत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र से कुपोषण को जड़ से मिटाना और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना है। इस कार्यशाला में यूनिसेफ के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया।

कुपोषण मुक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीडीपीओ दुर्गेश नंदिनी ने बताया कि विभाग के दिशा-निर्देशानुसार 0 से 59 माह तक के बच्चों में कुपोषण की पहचान और उनके प्रबंधन हेतु यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा “हमारी लड़ाई कुपोषण के खिलाफ है। हमें अति गंभीर कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार दिलाना है ताकि वे स्वस्थ जीवन जी सकें।”

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
कार्यशाला में यूनिसेफ की टीम और विशेषज्ञों द्वारा सेविकाओं को निम्नलिखित तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया:
• सटीक मापन: बच्चों का सही वजन (Weight) और लंबाई (Height) लेने की विधि।
• चिन्हीकरण: स्टंटिंग और वेस्टिंग के आधार पर कुपोषित बच्चों की पहचान करना।
• उपचार प्रक्रिया: अति गंभीर कुपोषित बच्चों को ‘मालन्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर’ रेफर करने और मध्यम कुपोषित बच्चों का सामुदायिक स्तर पर प्रबंधन करने की जानकारी।
सामुदायिक स्तर पर होगी निगरानी
सीडीपीओ ने निर्देश दिया कि सभी सेविकाएं अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बच्चों का डेटा अपडेट करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल केंद्र पर ही नहीं, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाकर बच्चों को ‘स्वस्थ बच्चों’ की श्रेणी में लाना विभाग की प्राथमिकता है।
इस अभियान के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य गम्हरिया प्रखंड के हर कुपोषित बच्चे तक पहुँचकर उन्हें एक खुशहाल और स्व
स्थ भविष्य देना है।
http://श्रीराम डिवाइन एकेडमी गम्हरिया रिजल्ट: 100% सफलता, गायत्री शिक्षा निकेतन ने भी बढ़ाया मान







