Jamshedpur (जमशेदपुर) : शहर में बढ़ते अपराध और हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए की ओर से शुक्रवार को आहूत जमशेदपुर बंद का व्यापक असर पूरे शहर में देखने को मिला। सुबह से ही प्रमुख बाजार, पेट्रोल पंप और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे, जबकि मिनी बसों के पहिये भी थम गए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर व्यापक पुलिस बल की तैनाती की।
शुक्रवार सुबह साकची, गोलमुरी, बर्मामाइंस, टिनप्लेट, टेल्को, बारीडीह, सिदगोड़ा समेत कई इलाकों में बाजार पूरी तरह बंद रहे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह अपने समर्थकों के साथ साकची गोलचक्कर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शहर में ब्राउन शुगर, गांजा, जुआ और अवैध लॉटरी का कारोबार तेजी से फैल रहा है, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहा है। बंद को जनता दल (यूनाइटेड), आजसू पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी सहित एनडीए के अन्य सहयोगी दलों का भी समर्थन मिला।
49 संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा
बंद को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। पूरे जिले को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित कर 49 संवेदनशील स्थानों पर 630 लाठी बल, 73 दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और 20 पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई। सुबह छह बजे से ही सभी अधिकारी और जवान अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट पर मुस्तैद रहे। संवेदनशील इलाकों की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई, जबकि धालभूम और घाटशिला अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई। यातायात पुलिस को भी निर्देश दिए गए कि आवश्यक सेवाओं और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा जाए।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
गोलमुरी क्षेत्र में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। बंद समर्थकों ने बाजारों को बंद कराते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहर में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और अपराधियों में पुलिस का भय समाप्त हो चुका है। उन्होंने नशे के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने, अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
बस सेवा ठप, आम लोगों को हुई परेशानी
बंद का सबसे अधिक असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर पड़ा। जमशेदपुर की मिनी बस सेवा पूरी तरह बंद रही, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और केवल कुछ ऑटो रिक्शा ही चलते दिखाई दिए। बाजार बंद रहने से खरीदारी के लिए निकले लोगों को भी निराश लौटना पड़ा और शहर की व्यावसायिक गतिविधियां काफी हद तक प्रभावित रहीं।
विशेष मोबाइल दस्ता और फायर ब्रिगेड अलर्ट पर
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गोलमुरी पुलिस केंद्र से हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर से लैस 10 विशेष मोबाइल दस्तों को पूरे शहर में गश्त पर लगाया गया। ये सभी दस्ता डीएसपी (सीसीआर) के सीधे नियंत्रण में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा गोलमुरी, मानगो, घाटशिला और बहरागोड़ा में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी अलर्ट मोड में रखा गया।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक पूरे शहर में स्थिति शांतिपूर्ण और प्रशासन के नियंत्रण में रही।







