Chaibasa (चाईबासा) : रक्षाबंधन के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय का सभागार शुक्रवार को भाई-बहन के स्नेह और आत्मीयता का गवाह बना। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित राखी महोत्सव में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने उपायुक्त मनीष कुमार समेत कई प्रशासनिक पदाधिकारियों की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान समाहरणालय का औपचारिक माहौल कुछ समय के लिए पारिवारिक अपनत्व में बदल गया।
कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साह के साथ अधिकारियों को राखी बांधकर उनके सुखद, स्वस्थ और सफल जीवन की कामना की। उपायुक्त मनीष कुमार के अलावा परियोजना निदेशक आईटीडीए जयदीप तिग्गा, सामान्य शाखा उपसमाहर्ता देवेंद्र कुमार, स्थापना उपसमाहर्ता कुमार हर्ष, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने भी छात्राओं और शिक्षिकाओं से राखी बंधवाई।
राखी बंधवाने के दौरान अधिकारियों और छात्राओं के बीच आत्मीय संवाद का माहौल रहा। छात्राओं के चेहरों पर जहां खुशी और उत्साह दिखाई दिया, वहीं अधिकारियों ने भी उन्हें बहनों की तरह स्नेह और आशीर्वाद दिया।

रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला अवसर है। राखी का धागा भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं के साथ एक-दूसरे के प्रति सहयोग और सम्मान का संदेश भी देता है।
उन्होंने कहा कि समाहरणालय में छात्राओं द्वारा राखी बांधना सभी के लिए भावुक और यादगार क्षण है। ऐसे आयोजन प्रशासन और समाज के बीच आत्मीय संबंध को मजबूत करने के साथ बच्चों में सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
छात्राओं को उपहार देकर बढ़ाया उत्साह
राखी महोत्सव में शामिल छात्राओं और शिक्षिकाओं को जिला प्रशासन की ओर से उपहार भेंट किए गए। उपहार पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे। अधिकारियों ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने और जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन ने बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश भी दिया। छात्राओं की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का विकास भी जरूरी है।
समारोह के अंत में जिला प्रशासन की ओर से सभी छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।








