आदित्यपुर: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के मंगलवार को आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी के कार्यक्रम में आगमन पर नगर निगम के महापौर संजय सरदार ने उनसे शिष्टाचार मुलाकात की।
इस दौरान महापौर ने राज्यपाल को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जियाडा (JIADA) और जेआरडीसीएल (JRDCL) के अधीन इलाकों में चरमराई सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता से अवगत कराया।

महापौर ने ज्ञापन के माध्यम से स्पष्ट किया कि आदित्यपुर नगर निगम का एक बड़ा भू-भाग औद्योगिक विकास प्राधिकार (JIADA) के कार्यक्षेत्र में आता है। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा प्रमुख आदित्यपुर-कांड्रा मुख्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण, नियमित रखरखाव और संबंधित जनसुविधाओं की जिम्मेदारी जेआरडीसीएल को सौंपी गई है। सरकार इन कार्यों के लिए संबंधित एजेंसी को पर्याप्त वित्तीय बजट भी आवंटित करती है, फिर भी धरातल पर दोनों ही एजेंसियां अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों के निर्वहन में विफल साबित हो रही हैं।
संजय सरदार ने राज्यपाल को बताया कि औद्योगिक क्षेत्र और मुख्य मार्ग पर नियमित झाड़ू और कचरा उठाव न होने से जगह-जगह कचरे का अंबार लगा रहता है। इस बदहाली से जहां आम नागरिकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नगर निगम की छवि भी धूमिल हो रही है। अन्य एजेंसियों की लापरवाही के चलते सफाई और जनसुविधाओं का अतिरिक्त वित्तीय और प्रशासनिक बोझ अंततः नगर निगम पर ही पड़ता है।
महापौर ने राज्यपाल से इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया। उन्होंने मांग की कि जियाडा और जेआरडीसीएल प्रबंधन को अपने-अपने अधीन आने वाले क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग, अविलंब सफाई और समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए जाएं ताकि नगर की स्वच्छता, सुंदरता और नागरिकों का जीवन स्तर बेहतर बना रहे।







