Samastipur (समस्तीपुर) । ट्रेन से ब्रांडेड शराब की बड़ी खेप के साथ पकड़े जाने के बाद चर्चा में आई नेहा झा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। मामले को गंभीर मानते हुए रेल पुलिस ने अब विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया है। टीम का फोकस सिर्फ बरामद शराब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस बात की भी पड़ताल होगी कि शराब की खेप कहां से आई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
यह कार्रवाई समस्तीपुर रेल थाना कांड संख्या 192/2026 से जुड़ी है। संयुक्त अभियान के दौरान ट्रेन में नेहा झा के पास से करीब 75 लीटर शराब बरामद होने के बाद पूछताछ की गई थी। पूछताछ और सामने आई सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने अब जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है।

एक गिरफ्तारी से बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
रेल पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नेहा झा का शराब कारोबार से संबंध कितना पुराना है और क्या वह अकेले इस काम को अंजाम दे रही थी। इसके लिए उसके पिछले सफर, संपर्कों और आवाजाही से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी देख रही है कि शराब की खेप बिहार में किस रास्ते से लाई जाती थी और यहां पहुंचने के बाद इसकी संभावित डिलीवरी कहां होती थी।
मेडिकल रिप्रजेंटेटिव की पहचान भी जांच के दायरे में
जांच में नेहा झा की कथित मेडिकल रिप्रजेंटेटिव वाली पहचान भी महत्वपूर्ण बिंदु बन गई है। पुलिस इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इसी पहचान की आड़ में अलग-अलग लोगों तक पहुंच बनाई जाती थी।
दरभंगा और आसपास के इलाकों में डॉक्टरों तथा कुछ प्रभावशाली लोगों तक शराब पहुंचाए जाने की चर्चा सामने आई है। हालांकि किस व्यक्ति को शराब दी गई या इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है, इसका आधिकारिक तौर पर अभी खुलासा नहीं किया गया है।
रेल पुलिस खंगालेगी ट्रैवल हिस्ट्री
SIT के सामने सबसे महत्वपूर्ण काम नेहा झा की ट्रैवल हिस्ट्री निकालना है। उसकी पहले की यात्राओं, संभावित शराब सप्लाई के रास्तों और संबंधित लोगों से संपर्क की जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच में पुलिस दो दिशाओं पर काम करेगी—शराब की खेप जिस जगह से चली, वहां तक पहुंचना और दूसरी ओर यह पता लगाना कि बरामद शराब आगे किन लोगों तक पहुंचने वाली थी।
परिवार से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल
पुलिस ने नेहा झा के परिवार से संबंधित जानकारी को भी जांच में शामिल किया है। अधिकारियों के अनुसार, उसके कुछ परिजनों के शराब से जुड़े मामलों में कथित तौर पर शामिल होने की जानकारी मिली है। ऐसे में उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा मामले के बीच किसी संभावित कड़ी की जांच की जा रही है।
हालांकि इस संबंध में भी पुलिस की जांच पूरी नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
हाई प्रोफाइल कनेक्शन की चर्चा
मामले को हाई प्रोफाइल माने जाने के पीछे सबसे बड़ी वजह शराब की मात्रा के साथ-साथ उससे जुड़े बताए जा रहे संभावित संपर्क हैं। पुलिस अब यह जानना चाहती है कि क्या यह सिर्फ एक महिला द्वारा शराब ले जाने का मामला है या इसके पीछे एक व्यवस्थित सप्लाई चैन काम कर रही थी।
यदि जांच में कोई संगठित नेटवर्क सामने आता है तो पुलिस की कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।
SIT के सामने ये होंगे बड़े सवाल
जांच टीम मुख्य रूप से यह पता लगाने की कोशिश करेगी—
– शराब की खेप वास्तव में कहां से आई थी?
– नेहा झा पहले भी ऐसी यात्राएं कर चुकी थी या नहीं?
– शराब की संभावित डिलीवरी किन लोगों तक होनी थी?
– क्या उसके साथ दूसरे लोग भी इस कारोबार में जुड़े हैं?
– मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के तौर पर उसकी पहचान का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था?
– परिजनों से जुड़े पुराने मामलों का इस प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं?
रेल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अनुसंधान जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नेहा झा के पीछे कोई बड़ा शराब सप्लाई नेटवर्क था या मामला किसी अन्य दिशा में जाता है।








