गुवा संवाददाता। सेल कर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था से जुड़े मामले में शुक्रवार को धनबाद स्थित केंद्रीय औद्योगिक न्यायाधिकरण (CGIT) कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मामले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य अब तक दाखिल नहीं किए जाने पर कोर्ट ने सेल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई।
सुनवाई के दौरान प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता उपस्थित हुए। बताया गया कि पिछली कई सुनवाइयों में प्रबंधन की ओर से अगली तारीख की मांग की जाती रही है और यह आश्वासन दिया जाता रहा है कि आवश्यक दस्तावेज अगली सुनवाई में प्रस्तुत कर दिए जाएंगे। हालांकि, अब तक संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य न्यायालय में दाखिल नहीं किए गए हैं।
मामले से जुड़े Complaint केस में कोर्ट की ओर से जारी नोटिस का जवाब भी अब तक दाखिल नहीं किए जाने की बात सामने आई। सुनवाई के दौरान प्रबंधन के अधिवक्ता ने दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही, लेकिन दस्तावेज दाखिल किए बिना ही कोर्ट परिसर से चले गए।
इस पर यूनियन की ओर से अधिवक्ता सोमेन्द्र नाथ घोष ने कोर्ट के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि प्रबंधन लगातार अगली तारीख की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक न तो नोटिस का जवाब दाखिल किया गया है और न ही मामले से संबंधित evidence proof documents न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं। यूनियन ने कोर्ट से मामले में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
हाईकोर्ट के आदेश की प्रति दाखिल करने की मांग
यूनियन की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति से संबंधित Complaint केस को क्वाश कराने के लिए सेल प्रबंधन ने CGIT कोर्ट से अनुमति लिए बिना रांची हाईकोर्ट का रुख किया था। यूनियन के अनुसार, हाईकोर्ट ने उक्त मामले को खारिज कर दिया है।
यूनियन ने इस संबंध में हाईकोर्ट के आदेश की प्रमाणित/उपलब्ध प्रति CGIT कोर्ट में दाखिल कराने की मांग की, ताकि मामले की आगे की कार्यवाही में स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में होने की संभावना है। यूनियन का कहना है कि दस्तावेज और जवाब दाखिल करने में लगातार हो रही देरी के कारण अब न्यायालय को मामले में आगे की कार्रवाई और उचित निर्णय की दिशा में कदम उठाना चाहिए।








