आदित्यपुर: औद्योगिक क्षेत्र में जर्जर सड़कों और बदहाल यातायात व्यवस्था से परेशान उद्यमियों एवं कामगारों के लिए राहत की खबर है। उद्यमी संगठन इसरो (ISRO) के प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन से मुलाकात कर औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विशेष रूप से खस्ताहाल सड़कों के पुनर्निर्माण और प्रमुख चौक-चौराहों पर लगने वाले जाम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
आरआईटी मोड़ की सड़क मरम्मत पर जताया आभार
प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में आरआईटी मोड़ की सड़क की मरम्मत कराए जाने पर क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन का आभार जताते हुए उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र के अन्य हिस्सों में लंबे समय से खराब पड़ी सड़कों की स्थिति से उन्हें अवगत कराया गया।
सातवें चरण की सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग
इसरो प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक क्षेत्र के सातवें चरण (Phase-7) की जर्जर सड़कों का तत्काल पुनर्निर्माण कराने की मांग की। उद्यमियों ने कहा कि बड़ी सड़क निर्माण योजनाओं के धरातल पर उतरने में समय लग सकता है, इसलिए तब तक क्षतिग्रस्त हिस्सों की आपातकालीन मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि उद्योगों तक कच्चे माल और तैयार माल के परिवहन के साथ कामगारों का आवागमन भी सुचारु रह सके।
इसके अलावा प्रमुख चौक-चौराहों पर आए दिन लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी गई।
दो महीने में शुरू होगा प्रमुख सड़कों का काम
उद्यमियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन ने संबंधित अधिकारियों को Phase-7 की सड़कों के निर्माण के लिए तत्काल डीपीआर (Detailed Project Report) तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि बरसात समाप्त होने के बाद आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के विभिन्न चरणों में सड़क निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया जाएगा।
प्रशासन ने अगले दो महीनों के भीतर प्रमुख सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस आश्वासन के बाद उद्यमियों में औद्योगिक क्षेत्र के आधारभूत ढांचे में सुधार की उम्मीद जगी है।
बैठक में इसरो के अध्यक्ष रूपेश कतारियार, महासचिव समीर सिंह, विकास गर्ग समेत कई प्रमुख उद्यमी मौजूद रहे।








