जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच स्वर्णरेखा और खरकई नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया है कि लगातार बारिश के कारण स्वर्णरेखा और खरकई नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए लोगों को नदी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

खरकई खतरे के निशान से करीब 0.69 मीटर ऊपर
जारी बाढ़ निगरानी रिपोर्ट में आदित्यपुर ब्रिज साइट पर खरकई नदी का वर्तमान जलस्तर 129.69 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 129.00 मीटर है। यानी खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 0.69 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। रिपोर्ट में नदी के जलस्तर का ट्रेंड ‘Rising’ यानी बढ़ता हुआ दर्ज किया गया है।
वहीं, मानगो ब्रिज साइट पर स्वर्णरेखा नदी का वर्तमान जलस्तर 120.54 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। रिपोर्ट में स्वर्णरेखा के जलस्तर को भी बढ़ते हुए बताया गया है।
नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है। खासकर नदियों के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा जरूरत पड़ने पर प्रशासन की ओर से चिन्हित सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान नदी, नाला या जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से नदी एवं जलस्रोतों से दूर रखें।
लगातार बारिश के कारण जिले के नदी तटीय क्षेत्रों में स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं।







