Adityapur (आदित्यपुर) : लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर आदित्यपुर में नदी घाटों की सफाई और व्यवस्था दुरुस्त करने का काम तेज हो गया है। इसी क्रम में खरकई नदी तट स्थित जयप्रकाश उद्यान घाट पर नगर निगम की ओर से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसमें मेयर, डिप्टी मेयर, वार्ड पार्षदों, निगम कर्मियों, स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने भाग लेकर श्रमदान किया।

विसर्जन के बाद घाटों की सफाई पर जोर
दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन के बाद नदी तट और आसपास के इलाकों में जमा पूजन सामग्री, मूर्तियों के अवशेष और अन्य कचरे को हटाया गया। अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने झाड़ू लगाकर और कचरा एकत्र कर घाट परिसर को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया। कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने अभियान को जनसहयोग का रूप दिया।

क्लीन-ग्रीन सिटी बनाने का संकल्प
नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने कहा कि आदित्यपुर को औद्योगिक पहचान के साथ स्वच्छ और हरित शहर के रूप में विकसित करना निगम का लक्ष्य है। दशहरा के बाद से ही छठ घाटों की सफाई और व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डिप्टी मेयर अंकुर सिंह ने कहा कि प्रतिमा विसर्जन के बाद नदी तट पर बची गंदगी और पानी में दुर्गंध की समस्या को दूर करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छठ पूजा तक घाटों की सफाई का अभियान जारी रहेगा। निगम का प्रयास है कि अर्घ्य देने आने वाले व्रतियों को स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिले।

घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों की भी होगी मरम्मत
नगर आयुक्त एजाज अनवर ने स्वच्छता अभियान में आम लोगों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नदी शहर की साझा धरोहर है और इसे साफ रखना प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भी जिम्मेदारी है। सफाई कर्मियों के साथ स्थानीय लोगों का आगे आना सकारात्मक पहल है।
नगर आयुक्त के अनुसार, प्रमुख छठ घाटों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को समतल करने और उनकी मरम्मत का काम भी तेज किया गया है।
नगर निगम की इस पहल का उद्देश्य छठ पूजा से पहले घाटों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित एवं सुविधाजनक माहौल में भगवान सूर्य को अर्घ्य दे सकें।
http://छठ से पहले खरकई नदी तट पर कचरे का अंबार, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल








