आदित्यपुर : नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत जयप्रकाश उद्यान के समीप खरकई नदी घाट से एक बार फिर अवैध बालू के बड़े पैमाने पर उठाव की पुरजोर तैयारी चल रही है। अंधेरे का फायदा उठाकर नदी के सीने को छलनी करने का खेल पहले से ही चोरी-छिपे लगातार जारी है, और अब इसे संगठित रूप देने की फिराक की जा रही है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आदित्यपुर के पूर्व डिप्टी मेयर अमित सिंह ‘बॉबी’ ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और जिला प्रशासन से इस पर हर हाल में अविलंब रोक लगाने की मांग की है।

अमित सिंह बॉबी ने सरकारी दस्तावेज और पूर्व में जारी ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LOI) जारी करते हुए स्पष्ट किया कि जिला खनन विभाग द्वारा खुली नीलामी प्रक्रिया के तहत जयप्रकाश उद्यान (दिदली) घाट और सालडीह घाट की वैधानिक बंदोबस्ती उनके नाम अमित ट्रेडिंग के रूप में की गई थी। इसके लिए सरकार को 51 लाख रुपये की उच्चतम बोली की राशि भी दी गई थी। उन्होंने व्यथा व्यक्त करते हुए बताया कि तीन साल के लीज कार्यकाल में से 18 महीने तक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के प्रतिबंधों के कारण बालू उठाव पूरी तरह बंद रहा। सरकारी नियमों का पालन करने वाले वैध संवेदक को इससे लाखों का भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा, जबकि दूसरी तरफ बालू माफिया बेरोकटोक चोरी-छिपे नदी से अवैध उठाव करते रहे हैं।
अमित सिंह बॉबी ने आगे जानकारी दी कि ठीक इसी तरह की समस्या को लेकर गढ़वा जिले के एक बालू घाट संवेदक द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दाखिल की गई है। उस याचिका पर अदालत का निर्णय बहुत जल्द आने की संभावना है। हाईकोर्ट के उस फैसले को आधार बनाकर वे सालडीह घाट के लिए भी अवधि विस्तार (एक्सटेंशन) की मांग सरकार व न्यायालय से करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग कि जब तक कानूनी प्रक्रिया विचाराधीन है और नियम प्रभावी हैं, तब तक जयप्रकाश उद्यान घाट से किसी भी सूरत में अवैध बालू का उठाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








