Adityapur (आदित्यपुर) : आदित्यपुर-1 स्थित शिव मंदिर मैदान में ‘श्रीश्री शिव मंदिर दुर्गा पूजा कमेटी’ द्वारा निर्मित भव्य व आकर्षक पूजा पंडाल के पट बुधवार शाम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधिवत खोल दिए गए।

पंडाल का उद्घाटन मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानी जाने वाली नौ नन्हीं कन्याओं द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन से पूर्व कमेटी के अध्यक्ष रंजीत शर्मा ने परंपरागत विधि-विधान से सभी कन्याओं का विधिवत पूजन किया और उन्हें ससम्मान पंडाल में प्रवेश कराया।

1965 से जुड़ा ऐतिहासिक व आध्यात्मिक प्रसंग
पूजा कमेटी के मुख्य संरक्षक सह लाइसेंसी राकेश रमण चौधरी ने बताया कि यह आदित्यपुर की सबसे पुरानी दुर्गा पूजा है, जिसकी स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 1965 में जिस पुरोहित सुनील कुमार ओझा ने पहली बार यहां कलश स्थापना की थी, वे आज 89 वर्ष की आयु में भी मुख्य आचार्य के रूप में पूजा संपन्न करा रहे हैं।
श्री चौधरी ने भगवान श्रीराम के शक्ति पूजन व 108 नीलकमल अर्पण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए असत्य पर सत्य की विजय के महत्व को रेखांकित किया।
कारीगरी और भव्यता का संगम
इस वर्ष पश्चिम बंगाल के एगरा (मेदनीपुर) के कुशल कारीगरों द्वारा दक्षिण भारत के विख्यात तिरुपति बालाजी मंदिर के मुख्य द्वार के प्रारूप पर भव्य पंडाल का निर्माण कराया गया है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पट समय पूर्व खोले गए हैं, जबकि षष्ठी को मां के नयनोन्मीलन के पश्चात विधिवत महापूजा आरंभ होगी।
मौके पर लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर कमेटी के महासचिव अतुल आकाश, कोषाध्यक्ष प्रकाश झा, मनोज कुमार, विकास, अरुण, राजू, अजय सिंह पप्पू, सुभाष, मनीष कुमार, सागर झा, रणविजय सिंह, आशुतोष कुमार, रवींद्र नाथ चौबे, शशिभूषण प्रसाद व गुरुचरण महतो सहित कई सदस्य व श्रद्धालु उपस्थित थे।










