आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां): आदित्यपुर नगर निगम की पारदर्शिता और कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाएं नहीं देने और भ्रामक जानकारी उपलब्ध कराने के मामले को लेकर संजय नगर (मांझी टोला) निवासी सामाजिक सह आरटीआई कार्यकर्ता रवींद्र घोष ने राज्य सूचना आयोग, रांची का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आयोग में आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा 18 के तहत औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शिकायत पत्र के अनुसार, रवींद्र घोष ने 16 अक्टूबर 2025 को नगर निगम के जन सूचना पदाधिकारी से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। विभाग द्वारा 17 नवंबर 2025 को पत्रांक संख्या 4249 के जरिए जो उत्तर भेजा गया, वह कथित तौर पर भ्रामक और असंतोषजनक था। इसके विरोध में उन्होंने 6 दिसंबर 2025 को प्रथम अपीलीय पदाधिकारी के समक्ष अपील दायर की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद 12 दिसंबर 2025 को पुनः अपील आवेदन देने के बावजूद विभाग द्वारा सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
रवींद्र घोष ने आरोप लगाया है कि बार-बार आवेदन के बावजूद सूचनाएं दबाना निगम के भीतर किसी बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। इस टालमटोल रवैये के कारण उन्हें मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ आर्थिक क्षति भी झेलनी पड़ी है। उन्होंने आयोग से दोषी अधिकारियों पर धारा 18 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है।








