आदिवासी हो समाज महासभा ने की बैठक, कहा – कुरमीयों कभी भी आदिवासी बनने नही दिया जाएगा

Chaibasa :- आदिवासी हो समाज महासभा परिसर हरिगुटु में विभिन्न आदिवासी संगठनों की अहम बैठक आयोजित की गई. जिसकी अध्यक्षता अर्जुन मुंदुईया ने की. इस बैठक में आदिवासी संगठनों के मुख्य अगुवा शामिल हुए.

बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा कि संवैधानिक अधिकार नौकरी, जमीन और राजनीतिक हिस्सेदारी को लूटने और हथियाने के लिए कुरमीयों कभी भी आदिवासी बनने नही दिया जाएगा. इसका विरोध कोल्हान से लेकर पूरे झारखंड में चारणवाद तरीके से आंदोलन कर चलाया जाएगा. अर्जुन मुंदुईया जी ने कहा कि मालूम हो कि एसटी शब्द संविधान में 1950 में लाया गया या शामिल किया गया. इसमें कुरमी या कुड़मी को अनुसूचित जनजाति में शामिल नहीं किया गया. यह इसलिए कि,इनका गुण मूल आदिवासियों के गुण से कहीं नहीं मिलता. इनका धर्म, पर्व त्यौहार, संस्कार संस्कृति, पूजा पद्धति, परंपरा मूल आदिवासियों से भिन्न है. यह सब ढोंग सिर्फ वे लोग आदिवासी बनने या अनुसूचित जनजाति में शामिल होने के लिए कर रहे हैं. ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट रांची ने पहले ही इनके आदिवासी होने के दावे को रिजेक्ट कर दिया है.

कुड़मीयों के आदिवासी बनने के आंदोलन के खिलाफ आज की बैठकी में सर्वसम्मति से “कोल्हान आदिवासी एकता मंच” बनाया गया. जिसमे मुख्यता हो, मुंडा, संथाल, उरांव जनजातियों को मिला कर यह मंच बनाया गया. कोल्हान आदिवासी एकता मंच के मुख्य संयोजक के रूप में सुशील पूर्ति को बनाया गया. अध्यक्ष रमेश जेराई, उपाध्यक्ष लालू कुजूर, सचिव बिर सिंह बिरूली, सहसचिव विनोद संवैईया, कोषाध्यक्ष रमेश पूर्ति,सहकोषध्यक्ष राम बलि सिंकु को बनाया गया. इसके साथ ही ड्राफ्टिंग कमिटी भी बनाया गया जिसमें देवेन्द्र नाथ चंपिया, अर्जुन मुंदुईया, मुकेश बिरुवा, सोमनाथ पड़ेया, रायमुल बांडरा, डॉ मनोज पूर्ति और बीर सिंह बिरूली को रखा गया.

25 अक्टूबर को कोल्हान में निकलेंगे मोटरसाइकिल जुलूस

कोल्हान आदिवासी एकता मंच के सचिव नियुक्त होने के पश्चात बिर सिंह बिरूली ने कहा कि अपनी आदिवासी सांस्कृतिक, परंपरा, संस्कार, धार्मिक, एकता, अखंडता को रखने और इसे बाहरी अतिक्रमण से बचाए रखने के लिए मंच किसी भी हद तक जाएगा. जिसका आगाज आगामी 25 अक्टूबर 2022 को कोल्हान में मोटरसाइकिल जुलूस निकाल कर करेगी.

बैठक में मुख्य रूप से संगठन के ये लोग रहे उपस्थित
आदिवासी हो समाज महासभा, केंद्रीय समिति, आदिवासी हो समाज सेवानिवृत समिति, आदिवासी हो समाज युवा महासभा, केंद्रीय समिति, प्रदेश समिति, जिला समिति, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सराइकेला खरसावां, संथाल समाज, उरांव समाज, मुंडा समाज, भूमीज समाज, मानकी मुंडा संघ, हो बैंकर्स एसोसिएशन, कोल्हान यंगस्टर्स यूनिटी, हो डॉक्टर्स एसोसिएशन, एसटी एससी परिसंघ चाईबासा, कोल्हान रक्षा संघ, ट्राइबल चैंबर्स ऑफ कॉमर्स, जोहार, भूमि बचाओ आंदोलन समिति और आकाश शिक्षक समूह आदि.

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *