चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने अवैध खनन और बालू तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए गोईलकेरा प्रखंड के विभिन्न इलाकों से 2,41,526 घनफीट अवैध रूप से भंडारित बालू जब्त किया है। जिला खनन टास्क फोर्स की इस कार्रवाई से अवैध खनन और बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
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जिला खनन टास्क फोर्स द्वारा अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गोईलकेरा प्रखंड में कई स्थानों पर एक साथ औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान सेरेंगदा थाना क्षेत्र के कुमड़ीह गांव में करीब 11,286 घनफीट अवैध रूप से जमा बालू बरामद कर जब्त किया गया।
इसके अलावा रायम गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के मैदान में लगभग 26,985 घनफीट तथा रायम गांव के मुख्य मार्ग के दोनों ओर करीब 2,03,255 घनफीट बालू अवैध रूप से भंडारित मिला। सभी स्थानों से बालू को प्रशासन ने अपने कब्जे में लेते हुए जब्ती की कार्रवाई पूरी की।
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में कुल 2,41,526 घनफीट अवैध बालू बरामद हुआ है, जो हाल के वर्षों में जिले में अवैध बालू भंडारण के खिलाफ की गई सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। जब्त बालू को लेकर विधिसम्मत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ भी की गई, लेकिन अवैध रूप से भंडारित बालू के मालिक या इसमें शामिल किसी व्यक्ति के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है ताकि अवैध भंडारण के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
जिला खनन पदाधिकारी ने बताया कि जब्त किए गए बालू का नियमानुसार मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके बाद सरकार के निर्धारित नियमों के तहत उसकी नीलामी की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि पश्चिमी सिंहभूम में अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध बालू कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व की हानि रोकने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जाएंगे।







