58 लाभुकों के बीच 108.23 करोड़ की परिसंपत्तियां वितरित, 12 स्वयं सहायता समूहों को मिले ट्रैक्टर और कृषि उपकरण
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में विकास योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से बुधवार को समाहरणालय सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 381.323 करोड़ रुपये की लागत वाली 172 विकास योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई। इनमें 91 नई योजनाओं का शिलान्यास और 81 पूर्ण योजनाओं का उद्घाटन शामिल है। साथ ही 58 लाभुकों के बीच 108.23 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मौके पर चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव, जगन्नाथपुर विधायक सोनाराम सिंकु, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन, चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश और चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

12 स्वयं सहायता समूहों को मिले ट्रैक्टर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि कार्यों को मजबूत करने के लिए भूमि संरक्षण विभाग की एसएमएएम योजना के तहत 12 स्वयं सहायता समूहों को ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि उपकरण प्रदान किए गए। इसके अलावा कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व, परिवहन, बैंकिंग और समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभुकों को परिसंपत्तियां सौंपी गईं।
आठ पंचायतों के मुखिया और सचिव सम्मानित
पंचायत स्तर पर सरकारी राशि के बेहतर उपयोग और विकास कार्यों में प्रदर्शन के लिए अंगारपदा, गोविंदपुर, बारुसाई, नरसंडा, पड़सा, कराईकेला, रुईया और आराहासा पंचायत के मुखिया एवं पंचायत सचिवों को सम्मानित किया गया। वहीं, जिले के 11 पंचायत सचिवालयों का ऑनलाइन उद्घाटन भी किया गया।
सड़क सुरक्षा और जागरूकता अभियान को बढ़ावा
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 25 दोपहिया वाहन चालकों के बीच हेलमेट वितरित किए गए। सरकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए पांच प्रचार वाहनों को रवाना किया गया। इनमें तीन वाहन जनगणना-2027, एक गैर संचारी रोगों से बचाव और एक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए हैं।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ : दीपक बिरुवा
मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है। लाभुकों को दी गई परिसंपत्तियां उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया।
विधायक सुखराम उरांव ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। वहीं, विधायक सोनाराम सिंकु ने कृषि, पशुपालन, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही। उन्होंने लाभुकों से मिली परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करने की अपील की।
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