चाईबासा : अंचल कार्यालय ने रैयत चाहत देवगम की भूमि का किया सीमांकन

चाईबासा : सदर अंचल क्षेत्र के मतकमहातु (टुंगरी) में सदर अंचल कार्यालय की ओर से मतकमहातु निवासी रैयत चाहत देवगम की पुश्तैनी भूमि का गुरुवार को सीमांकन किया गया।

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ज्ञात हो कि इस विवादित भूमि पर बनवारी लाल नेवटिया का दखल है। सीमांकन के दौरान जांच में सदर अंचल के सरकारी अमीन शाहदेव महतो ने पाया कि आवेदित जमीन, जिसका खाता संख्या-380, खेसरा संख्या-1118, मौजा मतकमहातु, रकवा-0.50 एकड़ है, इस जमीन का आंशिक भाग एक चहारदीवारी के अंदर पाया गया।

खाता देखते अंचल कर्मी

रैयत चाहत देवगम ने कहा कि ये चहारदीवारी बनवारी लाल नेवटिया ने खड़ी की है। जांच में अमीन श्री महतो ने कहा कि चूंकि चाहत देवगम की आंशिक जमीन चहारदीवारी के अंदर मौजूद है। इसलिये नियमानुसार चहारदीवारी के मालिक बनवारी लाल नेवटिया को भी सीमांकन की जानकारी देकर मापी की जायेगी। बिना नोटिस दिये बिना चहारदीवारी के अंदर मापी करना नियम विरुद्ध है।

भूमि सीमांकन के दौरान मौजूद लोग

ज्ञात हो कि इस विवादित भूमि के सीमांकन के लिये कोल्हान भूमि बचाओ समिति के मीडिया प्रभारी व रैयत चाहत देवगम ने सदर अंचल कार्यालय में आवेदन दिया था। इस पर अंचलाधिकारी सदर ने भुमि सीमांकन वाद 275/2023-2024 जारी कर सीमांकन आदेश दिया था। सीमांकन के दौरान समिति के पदाधिकारी रैयत विजय देवगम, सचिव भगवान देवगम, डाकुवा अर्जुन गोप, हेलेन देवगम, सुखलाल सावैयां, रमय देवगम, प्रकाश देवगम,संदीप कुमार सिंकू, प्रकाश देवगम आदि मौजूद थे।

कब्जेदार नेवटिया को नोटिस नहीं देना अन्यायपूर्ण : चाहत देवगम

रैयत चाहत देवगम तथा कोल्हान भूमि बचाओ समिति के उपाध्यक्ष डीबर देवगम ने कहा कि सीमांकन के लिये श्री नेवटिया को भी अंचल कार्यालय द्वारा नोटिस दिया जाना चाहिये था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जो नियम विरुद्ध है। नेवटिया को भी नोटिस दिया जाये और सीमांकन में अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये।

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