उरांव सरना समिति चक्रधरपुर एवं आदिवासी उरांव समाज संघ चाईबासा का प्रतिनिधिमंडल केयू कुलपति से मिला, कुड़ुख भाषा की पढ़ाई शुरू करने की मांग की

Chaibasa:- उरांव सरना समिति चक्रधरपुर एवं आदिवासी उरांव समाज संघ चाईबासा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गंगाधर पंडा से मुलाकात कर स्थानीय संबद्ध कॉलेजों में कुड़ुख भाषा की पढ़ाई आरंभ करवाने के लिए एक ज्ञापन सौपा गया. इसमें उनके द्वारा संबद्ध महाविद्यालयों में कुड़ुख भाषा की पढ़ाई यथाशीघ्र आरंभ करने के लिए पहल करने को कहा गया है.

प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को बताया कि कोल्हान क्षेत्र के बहुत सारे विद्यार्थी स्थानीय टाटा कॉलेज, महिला कॉलेज, चाईबासा एवं जवाहर लाल नेहरू कॉलेज चक्रधरपुर में कुड़ुख भाषा की पढ़ाई नहीं होने के कारण इस क्षेत्रीय भाषा में अग्रेतर अध्ययन नहीं कर पा रहें है. जबकि स्थानीय एवं क्षेत्रीय भाषा की पढ़ाई एवं भाषा सरंक्षण के लिए सरकार की ओर से अक्सर घोषणाएं होती रहती है. विदित हो कि वर्ष 2016 में स्थानीय महिला कॉलेज चाईबासा में कुड़ुख भाषा की पढ़ाई होती रही थी. किन्तु खेद की बात है कि 2017 से उस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया. संबद्ध महाविद्यालयों में कुड़ुख भाषा की पढ़ाई का प्रावधान नहीं होने के कारण भाषा से अग्रेतर अध्ययन करने को इच्छुक विधार्थियों में बहुत ही निराशा एवं क्षोभ उत्पन्न हो गया है. हालांकि कुलपति महोदय ने इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है.

जवाहर लाल नेहरू कॉलेज चक्रधरपुर में कुड़ुख पढ़ाई के लिए शिक्षक सर्वश्री रोशन खाखा, भुनेश्वर उरांव, कृष्णा उरांव, किशोर उरांव, पंडरी कुमारी को नियुक्ति करने की बात हुई है. प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से चक्रधरपुर के बुधराम लकड़ा, जीतु कच्छप, चन्द्रनाथ लकड़ा, अरूण टोप्पो, राजेश मिंज, गोल्डन लकड़ा, किरण खलखो तथा चाईबासा के श्री संचू तिर्की, अनिल लकड़ा, सहदेव किस्पोट्टा, बाबुलाल बरहा, लालू कुजूर उपस्थित थे.

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