​गम्हरिया: पिंडराबेड़ा अधूरी सड़क: 3 साल से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हजारों ग्रामीण,JMM केंद्रीय सदस्य कृष्ण बास्के ने ठेकेदार और विभाग को घेरा; कहा—जल्द दूर हों बाधाएं

गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत पिंडराबेड़ा

​गम्हरिया: गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत पिंडराबेड़ा से दर्जनों गांवों को जोड़ते हुए चौक व चांडिल तक जाने वाली सड़क निर्माण योजना भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। पिछले 3 वर्षों से यह सड़क अधूरी पड़ी है, जिससे क्षेत्र की हजारों की आबादी रोजाना नारकीय स्थिति का सामना कर रही है।

करोड़ों की लागत से बनने वाली चाईबासा- हाटगम्हरिया एनएच 75 ई सड़क चढ़ गई भ्रष्टाचार की भेंट, एक माह में ही धंसने लगी सड़क, बारिश है अभी बाकी

गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत पिंडराबेड़ा
​ठेकेदार की मनमानी और विभाग की चुप्पी

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की मनमानी और लापरवाही के कारण निर्माण कार्य कछुआ गति से भी धीमा चल रहा है। पथ निर्माण विभाग की उदासीनता ने आग में घी डालने का काम किया है। धूल और पत्थरों के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

​कृष्ण बास्के की तीखी प्रतिक्रिया

इस गंभीर समस्या को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य कृष्ण बास्के ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, “यह जनता के धैर्य की परीक्षा है। ठेकेदार को अविलंब सड़क का निर्माण कार्य पूरा करना चाहिए। निर्माण में जो भी तकनीकी या अन्य बाधाएं आ रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।”बास्के ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि वह जल्द ही इस विषय पर विभागीय उच्चाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्य जल्द शुरू नहीं हुआ, तो जनता के हितों के लिए उग्र कदम उठाए जाएंगे।

http://शहर की सड़कों पर सिपाहियों की जगह कैमरों से हो वाहन चेकिंग – सागर तिवारी

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *