Chaibasa (चाईबासा) : कोल्हान में अवैध लॉटरी संचालन को लेकर बेताब हैं शहर के युवक…..शहर के साथ पूरे कोल्हान में अवैध लॉटरी संचालित कर फर्श से अर्श तक पहुंचने वाले युवक को देखने के बाद शहर के युवाओं में जल्द करोड़पति बनने की चाहत बढ़ गई है। हर कोई चाहता है कि पुलिस के वरीय अधिकारियों को सेट करो और करोड़ो की कमाई अर्जित करो।
इसी चाहत ने चाईबासा बड़ी बाजार नामचीन व्यवसाई को पत्रकारों के मसीहा बनकर वर्षों से बैठे एक बुजुर्ग मठाधीश पत्रकार के पास पहुंचा दिया। युवक ने अपनी मंशा बताई और कहा कि “भईया हम लोग पुरे कोल्हान में लॉटरी का खेल शुरू करना चाहते हैं। पुलिस के अधिकारियों को सेट कर दीजिए।” इतना सुनते ही मठाधीश पत्रकार ने कहा कि “चले जाओ मेरा नाम लेना और जाकर मिल लेना।” इतना सुनते ही युवक ने गदगद हो गए सोचा कि मठाधीश पत्रकार भइया तो तोप हैं।
युवकों ने आव देखा ना ताव, पहुंच गए पुलिस अधिकारी के कार्यालय । मठाधीश पत्रकार का नाम लेकर साहब के पास चले गए। साहब ने पूछा कि क्या बात है बताएं , तो युवक ने अपनी मंशा बताया कि हजारीबाग वाला लॉटरी माफिया जितना दे रहा है उससे हम लोग ज्यादा देंगे, हमे काम करने का मौका दिया जाए। इतना सुनने के बाद साहब का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया, लॉटरी की बात करने गए युवकों की जमकर धुनाई कर दी गई। उसके बाद शहर से बाहर एक थाना में दिन भर रखा भी गया। चर्चा है कि बाद में सुनने में आया की भारी नजराना देकर घर आए।
इतना ही नही इन युवकों को चने के झाड़ में चढ़ाने वाला भी कोई और नही चाईबासा शहर का ही नीच गलीज पत्रकार हैं, उन्हें अपने स्वार्थ के आगे कुछ नहीं दिखता है । शहर के अच्छे खासे व्यापार करने वाले युवकों को बरगला कर अवैध लॉटरी का सपना दिखा दिया।
साथ बता दें कि पूर्व कई वर्षों से पश्चिमी सिंहभूम जिले में धड़ल्ले से अवैध लॉटरी का संचालित है। जिसे लेकर कई बार कई पत्रकारों ने बेबाक व निडर होकर अपने कलम भी चलाया। लेकिन इसका कोई असर नही पड़ा। पुलिस के साथ माफियाओं की इतनी मजबूत जोड़ शायद ही किसी ने देखा होगा।
पुराने मामलों और पुलिस कार्रवाई पर भी उठते रहे हैं सवाल
पश्चिमी सिंहभूम में अवैध लॉटरी के संचालन को लेकर पिछले कई वर्षों से स्थानीय स्तर पर शिकायतें और खबरें सामने आती रही हैं। इस कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकारों पर दबाव बनाए जाने के आरोप भी समय-समय पर लगाए जाते रहे हैं।
कुछ मामलों में पत्रकारों के खिलाफ दर्ज शिकायतों को लेकर भी सवाल उठे हैं। यदि किसी मामले में शिकायतकर्ता स्वयं अवैध लॉटरी कारोबार से जुड़ा व्यक्ति रहा है, तो इसकी स्वतंत्र जांच और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा आवश्यक है।
करोड़ों की संपत्ति के दावों की जांच जरूरी
अवैध लॉटरी कारोबार से जुड़े कुछ लोगों के पास कथित तौर पर महंगी गाड़ियां, आलीशान मकान और बड़ी संपत्तियां होने की चर्चा है। एक प्रमुख लॉटरी कारोबारी के पास ₹50 करोड़ से अधिक की कथित अवैध संपत्ति होने का दावा भी किया जा रहा है।
हालांकि, इस संपत्ति के आंकड़े की पुष्टि राजस्व रिकॉर्ड, आयकर/ईडी जैसी जांच एजेंसियों के दस्तावेज या अन्य विश्वसनीय सार्वजनिक रिकॉर्ड से किए बिना इसे तथ्य नहीं माना जा सकता।
यदि संपत्ति वास्तव में अवैध कमाई से अर्जित की गई है, तो संबंधित एजेंसियों द्वारा आय के स्रोत, संपत्ति के दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन की जांच महत्वपूर्ण होगी।
युवाओं के लिए बन सकता है गंभीर खतरा
अवैध लॉटरी से जुड़े लोगों की कथित चमकदार जीवनशैली युवाओं को प्रभावित कर रही है। कम समय में बड़ी रकम कमाने की चाह में यदि युवा भी इस गैरकानूनी कारोबार में प्रवेश करते हैं तो इससे आपसी वर्चस्व की लड़ाई और आपराधिक गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कोल्हान में अवैध लॉटरी का नेटवर्क किन लोगों के सहारे चल रहा है, इसकी कमाई कहां जा रही है और यदि शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
इन सवालों का जवाब केवल निष्पक्ष जांच, वित्तीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच से ही सामने आ सकता है।







