Adityapur : औद्योगिक और निर्माण क्षेत्रों में कार्यरत महिला श्रमिकों (Labour) के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) और भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) की झारखंड शाखा के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय ‘लिंग प्रशिक्षण कार्यशाला’ का सफल आयोजन किया गया।
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महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अधिकारों और सरकारी कानूनों की जानकारी होना अनिवार्य
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्र, घरेलू कामकाज और निर्माण कार्यों में लगी महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और कार्यस्थल पर होने वाले भेदभाव को दूर करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इंटक महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती देविका सिंह ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अपने अधिकारों और सरकारी कानूनों की जानकारी होना अनिवार्य है।
श्रम कानून, सामाजिक समावेश और लिंग समानता
कार्यशाला में लगभग 25 से अधिक महिला और पुरुष श्रमिकों ने भाग लिया। इस दौरान श्रम कानून, सामाजिक समावेश और लिंग समानता जैसे गंभीर मुद्दों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय सचिव श्री विनोद राय ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
सुरक्षा कवच का लाभ ले
कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला इंटक की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती शिखा चौधरी और प्रदेश सचिव श्रीमती मीरा तिवारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित श्रमिकों को बताया गया कि कैसे वे संगठित होकर अपने शोषण के विरुद्ध आवाज उठा सकते हैं और सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे सुरक्षा कवच का लाभ ले सकते हैं।









