आदित्यपुर। झारखंड आंदोलन के महानायक और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘पद्म भूषण’ सम्मान से नवाजा गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन को सौंपा। इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बनते ही समूचे राज्य में हर्ष और गौरव की लहर दौड़ गई है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार ने अपनी गहरी प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ शिबू सोरेन का व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि झारखंड के सवा तीन करोड़ निवासियों, मूलवासियों, आदिवासियों और अलग राज्य की लड़ाई में अपनी आहुति देने वाले प्रत्येक आंदोलनकारी का सम्मान है। मेयर ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण ही दिशोम गुरु के ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी पहचान मिली है।
संजय सरदार ने आगे कहा कि गुरुजी ने अपनी पूरी जिंदगी जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा और सामाजिक न्याय के हक में समर्पित कर दी। उनके जुझारू नेतृत्व ने ही झारखंड आंदोलन को एक नई दिशा और ताकत दी थी। उनका त्याग, संघर्ष और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणापुंज की तरह काम करेगा। मेयर ने जोर देकर कहा कि जनसेवा की मिसाल बन चुके दिशोम गुरु का यह सम्मान राज्य के इतिहास में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा।








