भुवनेश्वर / जोड़ा : Tata Steel की ओडिशा स्थित माइंस ने 43वें वार्षिक धात्विक खदान सुरक्षा पखवाड़ा समारोह 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 23 पुरस्कार अपने नाम किए। यह समारोह खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के भुवनेश्वर क्षेत्र-1 और क्षेत्र-2 के तत्वावधान में शनिवार को भुवनेश्वर में आयोजित किया गया।
समारोह में ए-1 समग्र प्रदर्शन श्रेणी में टाटा स्टील की काटामाटी आयरन माइन ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि इसी श्रेणी में खोंदबोंद आयरन माइन को दूसरा स्थान मिला।
काटामाटी आयरन माइन ने जनरल वर्किंग और ट्रेनिंग श्रेणियों में भी पहला स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा मैकेनिकल मेंटेनेंस और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस श्रेणियों में तीसरा स्थान हासिल किया।
वहीं खोंदबोंद आयरन माइन ने मैकेनिकल मेंटेनेंस और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस श्रेणियों में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि इनोवेटिव डिजिटाइजेशन श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया।
इसी तरह जोड़ा ईस्ट आयरन माइन ने इनोवेटिव डिजिटाइजेशन और ट्रेनिंग एंड अवेयरनेस श्रेणियों में पहला स्थान प्राप्त किया। साथ ही ड्रिलिंग एंड ब्लास्टिंग और इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस श्रेणियों में दूसरा स्थान हासिल किया।
इसके अलावा टाटा स्टील को वोकेशनल ट्रेनिंग और ऑक्यूपेशनल हेल्थ श्रेणियों में भी प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS), धनबाद के महानिदेशक उज्ज्वल ताह उपस्थित थे। इस अवसर पर श्याम सुंदर प्रसाद (उप महानिदेशक, खनन सुरक्षा, दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र, रांची), राजीव लोचन मोहंती (अध्यक्ष, ईस्टर्न ज़ोन माइनिंग एसोसिएशन), अवनीश कुमार मिश्रा (निदेशक, खनन सुरक्षा, भुवनेश्वर-1), नसीना बालासुब्रह्मण्यम (निदेशक, खनन सुरक्षा, भुवनेश्वर-2) तथा देबाशीष जेना (जनरल मैनेजर, ओएमक्यू, टाटा स्टील) सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
इस दौरान विभिन्न खनन कंपनियों और वेंडर पार्टनर्स द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। इन स्टॉलों में खनन कार्यों में अपनाई जाने वाली आधुनिक सुरक्षा तकनीकों और उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
गौरतलब है कि माइन सेफ्टी वीक का आयोजन देश के विभिन्न क्षेत्रों में हर वर्ष किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य खदानों में सुरक्षित कार्य पद्धतियों को बढ़ावा देना और खनन दुर्घटनाओं को कम करना है।








