चाईबासा।
सरकारी विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश को ध्यान में रखते हुए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के निदेशक के निर्देशानुसार स्कूली बच्चों के शैक्षणिक उन्नयन के उद्देश्य से ग्राम शिक्षा संगम कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में सदर प्रखंड, चाईबासा अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय टेकासाई के पोषक क्षेत्र में ग्राम शिक्षा संगम कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना तथा विद्यालय बंद रहने की अवधि में भी बच्चों को अध्ययन से जोड़े रखना है। कार्यक्रम के तहत विद्यालय के पोषक क्षेत्र के विभिन्न गांवों एवं टोलों में बच्चों के लिए अस्थायी पाठशालाओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापिका संध्या लालिमा होरो, शिक्षक-शिक्षिकाएं सुनील कुमार पासवान, राजा राय एवं कबिता गागराई, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, अभिभावक, सीआरपी तथा स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।
विविध शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन
ग्राम शिक्षा संगम के अंतर्गत बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए कई शिक्षाप्रद और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें किताब पठन, कहानी वाचन, एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy), विज्ञान के सरल प्रयोग, संख्या ज्ञान, खेल-आधारित शिक्षण, नाम कार्ड गतिविधि, गांव की वस्तुओं पर नाम लेबलिंग तथा अभिभावकों द्वारा कहानी सुनाने जैसी गतिविधियां प्रमुख रहीं।
शिक्षा की महत्ता पर दिया गया संदेश
प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित होती है, सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है तथा अवकाश अवधि में भी वे शैक्षिक गतिविधियों से जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर प्रदान करना ग्राम शिक्षा संगम का प्रमुख उद्देश्य है।
कार्यक्रम में विद्यालय के पोषक क्षेत्र की महिलाएं, पुरुष एवं बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ गतिविधियों में भाग लिया। सीआरपी एवं स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों ने भी कार्यक्रम के उद्देश्यों को ग्रामीणों तक पहुंचाने में सराहनीय भूमिका निभाई।


