West Singhbhum : चक्रधरपुर-सोनुवा मार्ग हादसे में तीन युवकों की मौत, बस मालिक से 5-5 लाख मुआवजे की मांग
चाईबासा/चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर-सोनुवा मुख्य मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बस और बाइक की सीधी टक्कर में तीन युवकों की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर एनएच-75(E) स्थित चेकनाका चौक को जाम कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जानकारी के अनुसार, तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में चेलाबेड़ा गांव निवासी कृष्णा नायक, सोनुवा क्षेत्र के तयरा गांव निवासी गणेश नायक और श्यामलाल गोप की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतकों के परिजन पहले चक्रधरपुर थाना पहुंचे और मुआवजे की मांग की। संतोषजनक आश्वासन नहीं मिलने पर लोगों ने पहले सोनुवा रोड जाम किया, फिर बाद में चेकनाका चौक पर एनएच-75(E) को पूरी तरह बाधित कर दिया।
तेज धूप के बावजूद महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण सड़क पर बैठे रहे। इस दौरान एंबुलेंस को छोड़कर सभी छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन बंद रहा। जाम की सूचना मिलने के बाद अंचलाधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा और थाना प्रभारी अवधेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। काफी समझाने-बुझाने के बाद जाम हटाया गया और आवागमन सामान्य हो सका।
बस मालिक से 5-5 लाख मुआवजे की मांग
मृतकों के परिजनों ने बस मालिक से प्रत्येक परिवार को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। वहीं प्रशासन की ओर से तत्काल राहत के रूप में अंतिम संस्कार के लिए 10-10 हजार रुपये दिए गए। हालांकि ग्रामीण इस सहायता राशि से संतुष्ट नहीं दिखे।

लिखित शिकायत मिलने पर बस परमिट रद्द करने की चेतावनी
थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने कहा कि घटना बेहद दुखद है और सरकार की ओर से मिलने वाली हर संभव सहायता पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि परिजन लिखित आवेदन देते हैं तो संबंधित बस का परमिट रद्द करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे गए शव
तीनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में कराया गया। हालांकि मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण पोस्टमार्टम प्रक्रिया में देरी हुई। बाद में सभी शव परिजनों को सौंप दिए गए।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीण प्रशासन से स्थायी समाधान तथा उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।







