चाईबासा/मझगांव: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड अंतर्गत घोड़ाबन्दा पंचायत के दामोदरसाई गांव में गुरुवार को एक बार फिर जंगली हाथी का आतंक देखने को मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ देर पहले अचानक एक जंगली हाथी गांव में घुस आया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हाथी को अचानक सामने देख ग्रामीण घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
ग्रामीणों के संभलने से पहले ही हाथी ने गांव के एक घर पर हमला कर दिया। हाथी ने सूंड और पैरों से घर की दीवार को तोड़ दिया, जिससे मकान को भारी नुकसान पहुंचा। इसके बाद हाथी घर के अंदर घुस गया और वहां रखे घरेलू सामान को तहस-नहस कर दिया। बताया जा रहा है कि घर में रखा अनाज भी हाथी ने चट कर डाला, जिससे पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
ग्रामीणों में दहशत, किसी तरह बचाई जान
घटना के वक्त घर में मौजूद परिवार के सदस्य किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर थोड़ी भी देर हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। हाथी के अचानक हमले से महिलाएं और बच्चे बेहद भयभीत हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को भगाया गया
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर शोर-शराबा किया, आग जलाई और पारंपरिक तरीकों से हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद हाथी गांव से बाहर निकला और जंगल की ओर चला गया, तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वही हाथी या कोई और? संशय बरकरार
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दामोदरसाई में उत्पात मचाने वाला हाथी वही है, जो बीते दिनों मझगांव प्रखंड के अन्य इलाकों में आतंक फैला रहा था, या फिर कोई दूसरा जंगली हाथी है। इस संबंध में अब तक वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हाथी की पहचान और उसकी मूवमेंट को लेकर ग्रामीणों में संशय बना हुआ है।

वन विभाग पर उठे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि हाथियों की नियमित निगरानी और समय पर ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित इलाके में हाथी निरोधक दस्ता तैनात किया जाए और रात में गश्त बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
सतर्कता की अपील
घटना के बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों का कहना है कि जब तक वन विभाग की ओर से ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक गांव के लोग रात में रतजगा करने और समूह में रहने को मजबूर हैं। दामोदरसाई की इस घटना ने एक बार फिर मझगांव प्रखंड में जंगली हाथियों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।









