चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कुकड़ू गांव में हाथी के हमले से 50 वर्षीय मुनीराम गोराई की मौत, मुआवजा व ‘हाथी भगाओ दस्ता’ की मांग पर सड़क जाम

सरायकेला के चांडिल अनुमंडल के कुकड़ू गांव

सरायकेला-खरसावां: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कुकड़ू प्रखंड के एक गांव से सामने आया है, जहां बीती रात हाथी के हमले में 50 वर्षीय मुनीराम गोराई की दर्दनाक मौत हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुनीराम गोराई देर रात शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान जंगल से भटककर आए एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

सरायकेला के चांडिल अनुमंडल के कुकड़ू गांव

घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने कुकड़ू प्रखंड मुख्यालय के पास शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों का आतंक बना हुआ है। आए दिन फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और लोगों की जान खतरे में है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।

सूचना मिलने पर तिरूलडीह थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही “हाथी भगाओ दस्ता” को सक्रिय किया जाएगा, जिससे गांवों में हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण किया जा सके।

वन विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। शेष मुआवजा राशि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद देने की बात कही गई है।

प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

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