राजनगर : झारखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का एक खौफनाक चेहरा राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को मिला, जहाँ मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराए जाने के दौरान विनीता बानरा और उनके नवजात शिशु की मौत हो गई। इस ‘संस्थागत हत्या’ के विरोध में आज भाजपा जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन किया।
सिस्टम की विफलता पर बरसीं गीता कोड़ा
प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था स्वयं वेंटिलेटर पर है। उन्होंने कहा, “21वीं सदी में बिजली बैकअप के अभाव में दो जिंदगियों का जाना शर्मनाक है। स्वास्थ्य मंत्री आला लगाकर घूमते हैं, पर धरातल पर व्यवस्था शून्य है।”

प्रशासन पर लीपापोती का आरोप
भाजपा प्रदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रशासन दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में जुटा है। जिलाध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान ने चाईबासा के एचआईवी संक्रमित खून मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इरफान अंसारी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग मजाक बन गया है।
मुख्य मांगें:
1. दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो।
2. पीड़ित परिवार को ₹50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले।
3. मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो।
प्रदर्शन के बाद अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान पूर्व विधायक अनंत राम टुडू, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, सूर्या देवी, भुवनेश्वर महतो, बलदेव मंडल, मनसा लोहार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
उपस्थित प्रमुख नाम:
गीता कोड़ा, हरे कृष्ण प्रधान, अनंत राम टुडू, राकेश मिश्रा, सूर्या देवी, भुवनेश्वर महतो, बलदेव मंडल, मनसा लोहार, उज्ज्वल मोदक, सुखदेव गौड़, मुरली प्रधान, बीजू दत्ता, साधन महतो, माईकल महतो, पिंकी मोदक।
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