Adityapur : सीतारामपुर बांधो दराहा टुसू मेला का आयोजन, झारखंडी परंपरा संस्कृति का परिचायक है टुसू पर्व: विधुत महतो. Video

आदित्यपुर: टुसू झारखंड संस्कृति की झलक देता है परंपरा को बचाए रखने टुसू मेले का आयोजन किया जाना अत्यंत आवश्यक है. जिससे आपसी मेलजोल और भाईचारे को भी बढ़ावा मिलता है. उक्त बातें जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने सोमवार शाम आदित्यपुर के सीतारामपुर डैम के निकट आयोजित बांधो दराहा टुसू मेला में कही।
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तकरीबन 2 वर्ष बाद आयोजित हुए सीतारामपुर टूसु मेला में आदित्यपुर गम्हरिया समेत सरायकेला और आसपास क्षेत्र से बड़ी संख्या में टूसू प्रतिमाएं शामिल हुई ।इस वर्ष भी यहां टुसू प्रतिमाओं के बीच प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पारंपरिक तरीके से सुसज्जित प्रतिमाओं को लेकर सुबह से ही लोगों की भीड़ मेले में उमड़ती रही। इस मौके पर टुसू मेला कमेटी द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में जमशेदपुर सांसद विद्युत महत्व के अलावा भाजपा नेता बास्को बेसरा, डॉक्टर बेसरा, पार्षद बरजो राम हांसदा, पूर्व पार्षद अनिल प्रसाद, विनोद बेसरा, सोनू सरदार, नाइके बाबा, अनूप कुमार दास, लखन बास्के, बादल महतो ,लालू बेसरा ,आशीष पति मुख्य रूप से शामिल हुए। मेले के सफल आयोजन में बुधराम बेसरा, डॉक्टर टूडू समेत अन्य कमेटी मेंबर का विशेष योगदान रहा। देर शाम तक आयोजित टुसू मेले में सर्वश्रेष्ठ प्रतिमाओं को इनाम से सम्मानित भी किया गया।
झारखंडी संस्कृति को बचाना है जरूरी
अपने संबोधन में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि झारखंडी संस्कृति को बचाना अति आवश्यक है टुसू मेले के आयोजन से झारखंड के सांस्कृतिक परंपरा का प्रचार प्रसार होता है। उन्होंने कहा कि टुसू पर्व आखान यात्रा जैसे पर्व झारखंड के धरोहर हैं। सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि आज झारखंडी सभ्यता संस्कृति के अलावा भाषा को बचाए रखना भी आवश्यक है। इस मौके पर भाजपा नेता बास्को बेसरा ने भी लोगों को संबोधित किया।

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