जगन्नाथपुर पंचायत कार्यालय में प्रखंड स्तरीय मुखियाओं की हुई बैठक, ड्रॉप आउट बच्चों का होगा नामांकन

Jagnnathpur (जगन्नाथपुर) : मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष सह करंजिया पंचायत मुखिया जुलियस हेम्बरम की अध्यक्षता में जगन्नाथपुर पंचायत कार्यालय में प्रखंड स्तरीय मुखियाओं की बैठक हुई. इस बैठक में मुखिया संघ के जिला कोषाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी गुलशन सुंडी सहित एस्पायर कार्यकर्ता मधुसूदन सिकू व सीएफ जगन्नाथपुर भी शामिल हुए.

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बैठक में एस्पायर कार्यकर्त्ता द्वारा मुखियाओं को जानकारी दी गई कि अभी सरकारी विधालय में नमांकन सत्र चल रही है. जिसको लेकर सरकार द्वारा स्कूल रुआर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है. स्कूल रुआर का उद्देश्य है कि प्रखंड क्षेत्र के सभी 6-14 वर्ष के अनमांकित, ड्राप आउट बच्चे जो नमांकन से अभी तक वंचित है या किसी कारणवश ड्राप आउट हो गये है उन सभी बच्चों का नमांकन पोषक क्षेत्र के विद्यालय के शिक्षक डोर टू डोर जाकर बच्चों को खोज कर माता – पिता अभिभावक से मिलकर नमांकन करेंगे. बैठक में बताया गया कि जगन्नाथपुर प्रखंड में सरकारी रिर्कोड के अनुसार 133 बच्चे ड्राप आउट/अनमांकित व सेकेंट्री शिक्षा पाने से छुटे हुए है. इसके आलावे एस्पायर संस्था ने 281 बच्चे जिनकी उम्र 6-18 है को ड्राप आउट, अनमांकित चिन्हित किया है. इनमे कुछ 8 वीं व मैट्रिक फेल व कक्षा 5 वीं पास के बाद कक्षा 6 में नमांकन से छुटे बच्चे भी शामिल है.
कुल मिला कर देखा जाये तो प्रखंड में लगभग 400 आउट आफ स्कूल बच्चे है. जिनकी सूची व वर्तमान नमांकन/अनमांकन कि स्थिति का फिर से सत्यापन कर नमांकन से यदि छुटे है या ड्राप आउट हुए तो वैसे बच्चों का नमांकन विद्यालय ले ले.

बैठक करते मुखिया गण

बैठक में यह भी बताया गया कि स्कूल शिक्षा नमांकन से छुटे बच्चों का मुख्य कारण दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र अन्य शामिल है. साथ ही कई बच्चे अनाथ भी है और कई बच्चे एक अभिभावक वाले भी है. इसके आलावे गरीबी, लाचारी, अभिभावकों में जागरुकता की कमी भी इन बच्चों को स्कूली शिक्षा से वंचित होने का एक कारण है. मुखियाओं को बताया गया कि 25 जुलाई को प्रखंड सभागार में सम्पन्न स्कूल रुआर कार्यशाला का आयोजन हुआ. जिसमें बीडीओ व बीपीओ द्वारा निर्देश सभी शिक्षकों को मिला है कि अनमांकित व ड्राप आउट सभी बच्चों का नमांकन व ठहराव शिक्षक विधालय में सुनिश्चित करें. साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 का अनुपालन करते हुए बीना दस्तावेज के भी कक्षा 1-8 तक में बच्चों को उनके उम्र और दक्षता के आधार पर इ नमांकन लिया जाये और प्रखंड को शुन्य ड्राप आउट प्रखंड बनाया जाये. बैठक में कई मुखियाओं ने कहा कि आधार कार्ड बनवाने में कई तकनीकी समस्याएं है. खास कर जन्म प्रमाण पत्र बनने के बाद ही आधार बन रहा है इसलिए मांग है कि बीना दस्तावेज के पहले शिक्षक नमांकन लें. आधार कार्ड व जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया आसान किया जाये. मुखियाओं ने कहा ड्राप आउट और अनमांकित बच्चों का नमांकन सुनिश्चित करवाने का विधालय में प्रयास करेंगे. मुखियाओं ने कहा कि जब शिक्षा का अधिकार अधिनियम देश में लागु है तो भी इतने सारे बच्चों का स्कूल शिक्षा से बाहर होना इस अधिनियम का उलल्लघंन है. आरटीई 2009 के तहत सभी बच्चों का नमांकन विधालय में है और उन्हे शिक्षा का अधिकार मिले.

ये रहे उपस्थित

बैठक मुखिया श्रीमति बोबोंगा, जोलेन भुइंयां, जुलियस हेम्बरम, प्रवीण पिंगुवा, चांदमनी बोबोंगा, अनिता लागुरी, जयश्री तिरिया विमलकिशोर कोड़ा, मुखिया संघ के जिला कोषाध्यक्ष सह मिडिया प्रभारी गुलशन सुंडी एस्पायर के एलएफ मधुसुदन सिंकू सहित अन्य उपस्थित थे.

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