SIR वेरिफिकेशन बदल रहा है खेल: अब वोटर आईडी के लिए माता-पिता के दस्तावेज़ अनिवार्य, कई कार्ड रद्द

New Delhi (नई दिल्ली) : चुनाव आयोग द्वारा लागू किए गए SIR (Self Identity Re-verification) नियम ने देश में वोटर आईडी बनाने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब कोई भी व्यक्ति बिना परिवारिक दस्तावेज़ों के आसानी से नया वोटर कार्ड नहीं बनवा सकेगा। यह व्यवस्था फर्जी पहचान और गलत पते पर बने वोटर कार्ड रोकने के उद्देश्य से की गई है।

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माता-पिता का वोटर आईडी अब जरूरी

नए नियमों के अनुसार, वोटर लिस्ट में नया नाम जोड़ने या पता बदलने के लिए माता-पिता के वोटर आईडी या उनसे जुड़े पहचान दस्तावेज़ अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आवेदक की वास्तविक पारिवारिक पहचान और पता सही है।

 

पुराने कार्डों की भी हो रही जांच

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ नए आवेदक ही नहीं, बल्कि जिन लोगों के वोटर कार्ड पहले बिना पैरेंट्स डॉक्यूमेंट के बन गए थे, उन सभी का SIR वेरिफिकेशन हो रहा है।
दस्तावेज़ की पुष्टि न होने पर कई कार्ड रद्द भी किए जा रहे हैं। इस वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने माता-पिता से दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए दोबारा संपर्क कर रहे हैं।

 

भागकर शादी करने वाली युवतियों के लिए चुनौती

इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रभाव उन युवतियों पर देखा जा रहा है, जो घर से भागकर विवाह कर लेती थीं और बाद में अपने माता-पिता से दूरी बना लेती थीं।

अक्सर वे पुलिस में “जान को खतरा” का आवेदन देकर मायके से संबंध तोड़ लेती थीं। लेकिन अब वोटर आईडी जैसी महत्वपूर्ण पहचान प्रक्रिया में उन्हें माता-पिता के दस्तावेज़ अनिवार्य रूप से देने पड़ रहे हैं, जिससे वे फिर से अपने परिवार के संपर्क में आने को मजबूर हो रही हैं।

 

र्जी पहचान रोकने में मदद

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सामाजिक रूप से भले ही कुछ जटिल स्थितियाँ पैदा करे, लेकिन तकनीकी रूप से यह बेहद मजबूत है। इससे दोहरी प्रविष्टियों, फर्जी पहचान और गलत पते के आधार पर बन रहे वोटर कार्डों पर रोक लगेगी।

डिजिटल सत्यापन के इस युग में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर नागरिक का रिकॉर्ड परिवारिक पहचान और मूल दस्तावेज़ों से जोड़कर ही मंजूर हो।

पहचान अंततः परिवार से ही जुड़ी

स्पष्ट है कि भागकर शादी कर लेना आसान हो सकता है, लेकिन कानूनी दस्तावेज़, सरकारी योजनाएँ और वोटर आईडी जैसी औपचारिक प्रक्रियाएँ अंततः व्यक्ति को उसकी मूल पारिवारिक पहचान से ही जोड़ती हैं।

SIR वेरिफिकेशन ने यह साबित कर दिया है कि परिवारिक दस्तावेज़ों का महत्व अभी भी उतना ही मजबूत है, शायद उससे भी अधिक।

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अब क्या करना होगा? (What You Must Do)

1. माता-पिता का वोटर आईडी या आधार कार्ड तैयार रखें।

2. यदि माता-पिता अलग जिले या राज्य में हैं, तो उनके दस्तावेज़ की स्कैन कॉपी या फोटो भी मान्य होगी।

3. आवेदक को अपना जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं का प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा (उम्र सत्यापन के लिए)।

4. शादीशुदा महिलाओं को पति का पता जोड़ने के लिए पति का आधार/आईडी, विवाह प्रमाणपत्र (यदि उपलब्ध हो), माता-पिता के दस्तावेज़ भी जरूरी हैं।

क्या करना चाहिए? (What You Should Do – Practical Advice)

जो लोग स्थलांतरित होकर रहते हैं, वे अपने परिवार से दस्तावेज़ पहले से इकट्ठा कर लें।

भागकर शादी करने वाले या परिवार से दूर रहने वाले लोग भी समय रहते पैरेंट्स डॉक्यूमेंट प्राप्त कर लें, वरना वोटर कार्ड रद्द हो सकता है।

यह सुनिश्चित करें कि आधार कार्ड का पता, वोटर आईडी का पता, परिवार के दस्तावेज़, एक-दूसरे से मेल खाते हों।

गलत या अधूरी जानकारी देने से बचें—ऐसे मामलों में SIR वेरिफिकेशन तुरंत रद्द कर देता है।

जिनका पुराना वोटर कार्ड है, वे NVSP या Voter Helpline App पर जाकर अपना SIR स्टेटस चेक कर लें।

 

अगर दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हों तो क्या करें?

माता-पिता से संपर्क न हो पाने की स्थिति में स्थानीय BLO से लिखित आवेदन देकर Family Verification का विकल्प लिया जा सकता है।

यदि माता-पिता स्वर्गवासी हों तो मृत्यु प्रमाणपत्र और परिवार के अन्य दस्तावेज दिए जा सकते हैं।