गुप्त सूचना के आधार पर दो दिनों तक चली रेकी
Chaibasa (चाईबासा)। सारंडा वन प्रमंडल अंतर्गत ओड़िशा सीमावर्ती क्षेत्र में झारखंड वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने लगातार दो दिनों तक रेकी कर तस्करों की गतिविधियों पर नजर रखी और फिर सुनियोजित तरीके से छापेमारी की।

डीएफओ के नेतृत्व में बनी संयुक्त टीम
सूत्रों के अनुसार, सारंडा डीएफओ एवं संबंधित रेंजर के नेतृत्व में झारखंड वन विभाग की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इस टीम में सारंडा के चारों वन प्रक्षेत्र — समता वन प्रक्षेत्र, किरीबुरू, गुवा एवं मनोहरपुर — के अनुभवी वनकर्मी शामिल थे। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं, ताकि तस्करों को चारों ओर से घेरा जा सके।

ओड़िशा सीमा से सटे इलाके में छापेमारी
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई समता रेंज से लगभग 60 किलोमीटर दूर ओड़िशा सीमावर्ती क्षेत्र स्थित नयागांव वन ग्राम-2 में की गई। यहां तस्करों द्वारा भारी मात्रा में लकड़ियों को जंगल के भीतर छिपाकर रखा गया था और उनकी अवैध बिक्री की तैयारी की जा रही थी।
63 शिलपट लकड़ियां जब्त, तस्कर फरार
मंगलवार देर रात की गई छापेमारी के दौरान वन विभाग की टीम ने मौके से 63 शिलपट लकड़ियां बरामद कीं। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते फरार हो गए। मौके से कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी, लेकिन जब्त लकड़ियों को वन विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है।
तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फरार तस्करों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी गई है। स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटाई जा रही है और सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है। मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सारंडा में लंबे समय से मिल रही थीं तस्करी की शिकायतें
गौरतलब है कि सारंडा क्षेत्र में अवैध लकड़ी तस्करी की शिकायतें लंबे समय से मिलती रही हैं। ओड़िशा सीमा से सटे होने के कारण तस्कर अक्सर जंगलों का फायदा उठाकर लकड़ियों की तस्करी करते रहे हैं। इस बड़ी कार्रवाई के बाद तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
वन विभाग ने जारी रखने की बात कही सघन अभियान
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी सारंडा और सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच एवं छापेमारी अभियान जारी रहेगा। अवैध कटाई और तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








