बोकना में ग्राम सभा स्थल बदलने के फैसले पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी

बोकना ग्राम सभा

गुवा संवाददाता। टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा बोकना ग्राम सभा का आयोजन स्थल बदलकर बरायबुरु टाटीबा में करने के निर्णय का बोकना के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। इस मुद्दे को लेकर गांव में आयोजित एक आपातकालीन बैठक में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जिस क्षेत्र में खदान संचालित हो रही है, उसी क्षेत्र में ग्राम सभा आयोजित की जानी चाहिए।

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बोकना ग्राम सभा

बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि मेसर्स उषा मार्टिन के समय से ही संबंधित ग्राम सभा का आयोजन बोकना गांव में होता रहा है। वर्षों से चली आ रही इस व्यवस्था को बदलना स्थानीय लोगों की भावनाओं और अधिकारों की अनदेखी है। ग्रामीणों का कहना है कि खदान क्षेत्र और उससे प्रभावित भूमि बोकना की है, इसलिए ग्राम सभा का आयोजन भी बोकना में ही होना चाहिए।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा स्थल बदलने का निर्णय प्रभावित लोगों की भागीदारी को सीमित करने और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि टाटा स्टील प्रबंधन अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता और बरायबुरु टाटीबा में ग्राम सभा आयोजित करता है, तो बोकना गांव का कोई भी ग्रामीण उसमें शामिल नहीं होगा। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से ग्राम सभा के बहिष्कार की घोषणा की है।

बोकना ग्राम सभा

बैठक में उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर एवं अंगूठे के निशान के माध्यम से प्रस्ताव का समर्थन किया। साथ ही प्रशासन और टाटा स्टील प्रबंधन से तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

बैठक में मुख्य रूप से सोनामूनी चाम्पिया, साकुरी चाम्पिया, नागी चाम्पिया, नारी चाम्पिया, सुखलाल पुर्ती, काडे चाम्पिया, गुड्डू बाडुडी, प्रेम चाम्पिया, जयसिंह चाम्पिया, चुडी चाम्पिया, कृष्णा पुर्ती, चौधरी चाम्पिया, मंगल पुर्ती, चुन्नीलाल चाम्पिया, पातोर चाम्पिया, सचिन कालुंडिया, दशरुम रोया, सुरेंद्र, पाकु रोया, साऊ पुर्ती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

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