चाईबासा। महिला कॉलेज चाईबासा पराक्रम दिवस के अवसर पर आज दिनांक 22 जनवरी 2026 को महिला कॉलेज, चाईबासा के एनएसएस बी.एड. यूनिट द्वारा एक प्रेरणादायी एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में किया गया, जिसे पूरे देश में पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में देशभक्ति की भावना जागृत करना तथा उन्हें साहस, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा जैसे मूल्यों से परिचित कराना था।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। छात्राओं ने बताया कि किस प्रकार नेताजी ने आज़ाद हिंद फौज का गठन कर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रभावी प्रस्तुति
एनएसएस बी.एड. यूनिट की छात्राओं ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नेताजी के जीवन, उनके योगदान और महिला कॉलेज चाईबासा पराक्रम दिवस मनाने के उद्देश्य को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने उपस्थित सभी लोगों को गहराई से प्रभावित किया।

मार्चिंग डांस से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रसिद्ध देशभक्ति गीत
“कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा”
पर आधारित मार्चिंग डांस से की गई। इस प्रस्तुति ने पूरे सभागार को देशभक्ति के रंग में रंग दिया और उपस्थित शिक्षकगण एवं छात्राएँ उत्साह से भर उठीं।
एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर का संबोधन
एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. अर्पित सुमन ने अपने संबोधन में कहा कि महिला कॉलेज चाईबासा पराक्रम दिवस का आयोजन छात्राओं को नेताजी के साहस, आत्मबल और नेतृत्व क्षमता से प्रेरणा लेने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि नेताजी का जीवन आज के युवाओं के लिए आदर्श है, जिससे वे समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान दे सकते हैं।

शिक्षकों ने रखे विचार
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष मोबारक करीम हाशमी, डॉ. राजीव लोचन नामता तथा सितेंद्र रंजन सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्रवादी विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया और छात्राओं से उनके आदर्शों को अपनाने की अपील की।
बड़ी संख्या में छात्राओं की सहभागिता
कार्यक्रम में डॉ. पुष्पा कुमारी, डॉ. बबीता कुमारी, शीला समद, प्रीति देवगम सहित कॉलेज की शिक्षिकाएँ तथा सेमेस्टर-1 की सभी छात्राएँ उपस्थित रहीं। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
पराक्रम दिवस का महत्व
महिला कॉलेज चाईबासा पराक्रम दिवस न केवल एक स्मरणोत्सव रहा, बल्कि यह छात्राओं में देशभक्ति, साहस और आत्मविश्वास का संचार करने वाला कार्यक्रम भी साबित हुआ। इस तरह के आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और महान नेताओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
http://महिला कॉलेज, चाईबासा की छात्रा लालमती देवगम का राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के लिए चयन








