आदित्यपुर: सरना समिति सालडीह (स्थापना 1976) के तत्वावधान में इस वर्ष भी बाहा बोंगा पर्व का भव्य आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस उत्सव की शुरुआत 28 फरवरी को पूर्ण धार्मिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर की गई। वहीं, 1 मार्च को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें आदिवासी परंपरा की अनूठी झलक देखने को मिली।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक नृत्य
उत्सव के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय पुरुषों और महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज्ज होकर मांदर की थाप पर सामूहिक नृत्य किया। भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों के उत्साह ने पूरे क्षेत्र को उत्सव के रंग में सरोबार कर दिया।

युवाओं को संस्कृति से जोड़ना मुख्य लक्ष्य कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मांझी बाबा मिर्जा सोरेन ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी सभ्यता और समृद्ध संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई पीढ़ी और युवाओं को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़े रखने के लिए ऐसे सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
अतिथियों ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नवनिर्वाचित वार्ड पार्षद शांतनु घोष उपस्थित रहे। उन्होंने क्षेत्रवासियों को बाहा बोंगा की शुभकामनाएं देते हुए आदिवासी संस्कृति की सराहना की। वहीं, विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद वार्ड पार्षद प्रत्याशी सन्नी गोप ने लोगों से भाईचारे और एकजुटता के साथ पर्व मनाने की अपील की।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विष्णु गोराई, मधुरम टुडू, नायके बाबा शंभु मार्डी, आकाश हांसदा, राजेश बेसरा, राजा टुडू, और राजेश हेम्ब्रम सहित बड़ी संख्या में समिति के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।








