आदित्यपुर। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ विरोध की लहर आदित्यपुर तक पहुँच गई है। मंगलवार को झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड पदाधिकारी कर्मचारी समन्वय समिति के बैनर तले बिजली विभाग के कर्मियों ने आदित्यपुर स्थित विद्युत भवन कार्यालय परिसर में विशाल विरोध-प्रदर्शन किया।
विरोध का मुख्य कारण
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का स्पष्ट आरोप है कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से सरकार बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। समन्वय समिति के अनुसार:
* महंगी बिजली: निजी कंपनियों के हाथों में कमान जाने से आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें बेतहाशा बढ़ जाएंगी।
* आधारभूत संरचना का दोहन: सरकारी संसाधनों और बुनियादी ढांचे को निजी घरानों को कौड़ियों के भाव बेचने की तैयारी है।
* कर्मचारी हित: कर्मचारियों ने भविष्य की सुरक्षा और सरकारी ढांचे को बनाए रखने की मांग की है।

प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से शामिल थे:
संदीप कुमार पासवान (कार्यपालक अभियंता)दिलेश्वर महतो (सहायक विद्युत अभियंता) प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के कर्मचारी और तकनीकी स्टाफ मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यस्थल पर एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को बुलंद किया।








