चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला उद्योग केंद्र, चाईबासा द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही विभिन्न स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन का अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत जिले में 18 विभिन्न ट्रेडों में कुल 10,162 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की तीन चरणों में जांच की जा रही है और पात्र लाभुकों को संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण देने के साथ-साथ टूलकिट भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 135 लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 215 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 30 आवेदनों पर ऋण स्वीकृत किया जा चुका है, जबकि 82 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। इस पर उपायुक्त ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिया कि सभी संबंधित बैंकों के प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
इसी तरह प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत जिले से 151 आवेदन अनुशंसित किए गए हैं। इनमें से 21 आवेदनों पर ऋण स्वीकृत हुआ है, जबकि 66 आवेदन बैंक स्तर पर लंबित हैं। उपायुक्त ने इस योजना में भी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने को कहा।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिले में चिरौंजी उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए सोनुआ में कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर विकास बोर्ड के अंतर्गत विशेष घटक योजना एवं कौशल उन्नयन योजना के तहत प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उपायुक्त चंदन कुमार ने कहा कि स्वरोजगार आधारित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और बैंक समन्वय के माध्यम से लंबित ऋण मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाए।








