चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस चाईबासा के अवसर पर मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन के सभा कक्ष में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला अधिवक्ताओं की भूमिका, अधिकारों और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान जिला बार एसोसिएशन के महासचिव फादर अगस्टिन कुल्लू ने महिला अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों और हक के प्रति सजग रहते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और मेहनत से राज्य और देश का नाम भी रोशन कर रही हैं।

इस अवसर पर बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैसर परवेज, अधिवक्ता राजाराम गुप्ता, दुर्योधन गोप, लक्ष्मी सिंकू और किरण बोईपाई सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी उपलब्धियों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान महिला अधिवक्ताओं को सम्मानित करते हुए उन्हें उपहार प्रदान किए गए। इससे उपस्थित महिला अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र महतो, सरकारी वकील पवन शर्मा, किशोर कुमार महतो, गौरांग महतो, विमल पांडे, विमल विश्वकर्मा, मोहित शर्मा, ज्योति महतो, नंदा सिन्हा, मधुमिता मायती, अनामिका गोप, अंजू बान सिंह, मैगी देवगम, रानी कुमारी, सरस्वती दास, लक्ष्मी महतो, बसंती देवगम, तृप्ति खिरवाल सहित बड़ी संख्या में महिला अधिवक्ताएं उपस्थित थीं।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला अधिवक्ताओं के योगदान को सम्मान देना तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के अंत में सभी ने महिला सशक्तिकरण और समान अधिकारों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
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