पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा): टोंटो प्रखंड में सड़क निर्माण को लेकर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। 05 मई 2025 को राज्य के मंत्री दीपक बिरूवा द्वारा जिस सड़क का शिलान्यास किया गया था, वह लगभग एक साल बाद भी अधूरी पड़ी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के नाम पर केवल 1000 मीटर तक ही काम किया गया है, जबकि शेष हिस्सा अब भी बदहाल स्थिति में है।

जानकारी के अनुसार टोंटो हाट बाजार से कोड़ेजोडा तक बनने वाली इस सड़क के लिए बड़े पैमाने पर उम्मीदें जताई गई थीं। लेकिन मौके पर देखने पर पता चलता है कि सड़क की कटाई के बाद मात्र लगभग 1000 मीटर तक ग्रेनुअल सब-बेस (GSB) बिछाकर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। इसके बाद से निर्माण कार्य में कोई प्रगति नहीं हुई है। शेष सड़क आज भी कीचड़, धूल और गड्ढों से भरी हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क से क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क जुड़ा हुआ है, इसलिए निर्माण कार्य अधूरा रहने से लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है।

इस मामले में राष्ट्रीय ग्रामीण नियोजन कार्यक्रम (NREP) चाईबासा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संवेदक ने निर्माण कार्य बीच में छोड़ दिया है, तो विभाग की ओर से अब तक कोई सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने और संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।








