Adityapur (आदित्यपुर) : औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर-2 स्थित एलआईजी-170, दस महाविद्या काली स्थान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बासंतिक दुर्गा पूजा का आयोजन पूरी भव्यता और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। शक्ति उपासना के इस पावन पर्व पर भक्तिमय वातावरण से सराबोर है।

शास्त्रीय विधि से अनुष्ठान पूजा का शुभारंभ अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना के साथ हुआ हैं। वर्तमान में आचार्य राजेश कुमार मिश्रा ‘कौण्डिल्य’ के कुशल मार्गदर्शन में आचार्य प्रशांत मिश्रा द्वारा माता की षोडशोपचार (16 चरणों वाली विशेष पूजा) आराधना की जा रही है। अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन विशेष रूप से ‘राम रक्षा स्तोत्र’ का पाठ किया जा रहा है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
सामाजिक समरसता का संदेश दस महाविद्या काली स्थान की यह पूजा अपनी समावेशी परंपरा के लिए जानी जाती है।यहाँ मां के दरबार में सभी संतान समान हैं, इसलिए यहां विशेष और सामान्य का कोई भेद नहीं है। सभी भक्त मिलजुलकर माता की आरती और क्षमा याचना में भाग लेते हैं।
विश्व कल्याण की कामना
मुख्य यजमान और आचार्यों के अनुसार, इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर विश्व कल्याण की भावना को जागृत करना है। आरती के पश्चात प्रतिदिन भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है। स्थानीय श्रद्धालुओं में इस पूजा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। कल्याणं अस्तू।








