चाईबासा: चाईबासा में नो-एंट्री लागू करने की मांग को लेकर निकाली जा रही न्याय पदयात्रा को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है। यह पदयात्रा रविवार को चाईबासा से शुरू होकर बुधवार को खूंटी पहुंच गई। रास्ते में लगातार बारिश के बावजूद पदयात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे पूरे जोश के साथ आगे बढ़ते रहे।
चाईबासा : न्याय यात्रा पदयात्रा निकाल सड़क सुरक्षा और व्यवस्था सुधार की मांग

बुधवार सुबह पदयात्रा की शुरुआत बिंदा गांव से नए साथियों के परिचय के साथ हुई। दिन के दौरान मुरहू में विश्राम किया गया। इस दौरान रास्ते में लोगों में उत्साह भरने के लिए झारखंड आंदोलनकारी कोलंबस हसदा भी शामिल हुए और पदयात्रियों का हौसला बढ़ाया।
यात्रा के दौरान डॉक्टर रीना गोडसोरा द्वारा नाश्ते की व्यवस्था की गई, जिससे पदयात्रियों को राहत मिली। वहीं मुरहू थाना के एसआई अमरजीत सिंकू ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
विश्राम स्थल पर पूर्व मंत्री राजा पीटर और एलिस्टर बोदरा भी पहुंचे। उन्होंने पदयात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह न्याय यात्रा निश्चित रूप से सफल होगी। एलिस्टर बोदरा ने यात्रा के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों में नया जोश भरने का काम किया।
इस दौरान अधिवक्ता महेंद्र जामुदा ने सोशल मीडिया—व्हाट्सएप और फेसबुक—के माध्यम से लोगों से अपील की कि वे 01 मई को रांची पहुंचकर इस आंदोलन को समर्थन दें और एकजुटता का परिचय दें।

मौके पर अमित होनहागा, क्रांति तिरिया, रियांश सामड, साधु हो, वीर सिंह बालमुचू, सन्नी संदीप देवगम, रोबिन आल्डा, उषा रानी सवैया, सुमी लागुरी, तुलसी पूर्ति, आशा होनहागा, अविनाशी होनहागा, गुरा सिंकू, प्यारेलाल ता, सोहन सिंह देवगम, प्रकाश तांती, निर्मल सिंकू, विक्रम तामसोय, दुर्गा सिंकू, मोरन सिंह गागराई, राज तामडिया, रितेश बालमुचू, सत्यजीत हेंब्रम, नदीम शेख, रोबिन देवगम सहित कई लोग मौजूद थे।








