Adityapur (आदित्यपुर) : आदित्यपुर नगर निगम की एक बेहद महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक मंगलवार को आयोजित की गई, जो तकरीबन साढ़े पांच घंटे तक चली। बैठक संपन्न होने के बाद, अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए इसमें लिए गए कई दूरगामी निर्णयों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी वार्डों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे, जहां पिछली बैठक के प्रस्तावों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा गया।

बुनियादी ढांचे का विकास और सरकारी जमीन का संरक्षण
अपर नगर आयुक्त के अनुसार, क्षेत्र में डीप बोरिंग और सड़कों के निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा, सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं से सुरक्षित रखने के लिए निगम ने एक सख्त कदम उठाया है। अब नगर निगम की सभी सरकारी जमीनों को चिन्हित कर उन पर निगम का मालिकाना हक दर्शाने वाला बोर्ड लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में अतिक्रमण की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए विशेष बैठकें
रवि प्रकाश ने बताया कि क्यूब कंपनी और सीवरेज (ड्रेनेज) से जुड़ी जनसमस्याओं के स्थाई समाधान के लिए एक सप्ताह के भीतर पार्षदों के साथ एक विशेष बैठक बुढी की जाएगी। इसके अलावा, जनवितरण प्रणाली और अंचल से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए सीडीपीओ और सीओ के साथ भी एक साझा बैठक आयोजित की जा रही है।

मानसून से पहले जलजमाव से मुक्ति की तैयारी
आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर निगम जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। अपर नगर आयुक्त ने कहा, “पिछले वित्तीय वर्ष में जिन इलाकों में सबसे ज्यादा जलजमाव की समस्या देखी गई थी, उन्हें प्राथमिकता पर रखकर साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है।” वर्तमान में इस कार्य के लिए दो छोटी और चार बड़ी (कुल छह) जेसीबी मशीनें निरंतर नालों की सफाई में जुटी हुई हैं।
लेबर संकट पर लिया गया संज्ञान
विभिन्न वार्डों में ठेकेदारों द्वारा कम मजदूर भेजे जाने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने कहा कि नए लेबर कॉन्ट्रैक्ट पर काम चल रहा है, जो अगले 10 से 15 दिनों में फाइनल हो जाएगा। इसके तहत प्रत्येक टीम में 7 मजदूर अनिवार्य रूप से काम करेंगे। उन्होंने पार्षदों से अपील की कि वे अपने स्तर से लेबर अटेंडेंस की निगरानी करें और गड़बड़ी पाए जाने पर सीधे निगम से शिकायत करें।







