कुमारडुंगी/चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी थाना परिसर में गुरुवार को मनकी-मुंडा संघ, कुमारडुंगी समिति और थाना प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में आदिवासी समाज से जुड़े सामाजिक, पारंपरिक, भूमि विवाद और कानून-व्यवस्था के विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी पक्षों ने सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने पर सहमति जताई।

बैठक की अध्यक्षता मनकी-मुंडा संघ की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा ने की। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासी समुदाय की जमीन पर किसी ने अवैध या जबरन कब्जा किया है, तो ऐसे मामलों में कानून के तहत कार्रवाई कर वास्तविक खतियानी रैयतों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने भूमि विवादों के समाधान के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में आदिवासी महिलाओं के गैर-आदिवासी से विवाह और उससे जुड़े सामाजिक व प्रमाण-पत्र संबंधी विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखते हुए समाज हित में उचित समाधान तलाशने की आवश्यकता बताई।
मझगांव प्रखंड के पांडुकी गांव स्थित हो समाज के पवित्र देशाउली स्थल पर हुई मारपीट और स्थल को अपवित्र किए जाने की घटना पर भी बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई। सदस्यों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा गया कि समय पर कार्रवाई नहीं होने पर संघ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे की रणनीति तय करेगा।
बैठक में मझगांव और कुमारडुंगी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गाय, बैल और बकरी चोरी की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। थाना प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की गई।
बैठक के अंत में थाना प्रशासन और मनकी-मुंडा संघ के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत करने, पारंपरिक आदिवासी शासन व्यवस्था का सम्मान बनाए रखने और सामाजिक समरसता के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
बैठक में राजेंद्र हेंब्रम, जुमल सिंह हेंब्रम, कृष्णा पिंगुवा, चंद्रमोहन हेंब्रम, मनीष हेंब्रम, अजीत कुमार सिंकू सहित बड़ी संख्या में मनकी-मुंडा, ग्राम प्रधान और ग्रामीण मौजूद रहे।








