Kiriburu (किरीबुरू) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मेघाहातुबुरु में शनिवार सुबह केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों को लेकर जा रही स्कूल बस को अभिभावकों ने कुछ देर के लिए रोककर अपनी नाराजगी जताई। करीब 15 मिनट तक चले इस शांतिपूर्ण विरोध के दौरान अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए बाद में बस को स्कूल के लिए रवाना कर दिया गया।
केन्द्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु की स्कूल बस दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल बाल बची, सभी बच्चे सुरक्षित
मामला सेल मेघाहातुबुरु प्रबंधन द्वारा न्यू कैंप क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए संचालित अलग स्कूल बस सेवा बंद किए जाने से जुड़ा है। अभिभावकों का कहना है कि पहले न्यू कैंप के बच्चों के लिए अलग बस की व्यवस्था थी, लेकिन इसे बंद कर दिए जाने के बाद अब उन्हें हिलटॉप और मुर्गापाड़ा रूट की बस में सफर करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि न्यू कैंप से प्रतिदिन लगभग 30 से 40 विद्यार्थी केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु आते हैं। पहले से ही इस रूट की बस में बड़ी संख्या में बच्चे यात्रा करते हैं। ऐसे में अतिरिक्त विद्यार्थियों के जुड़ जाने से बस में अत्यधिक भीड़ हो रही है। अभिभावकों के अनुसार भीड़ के कारण बच्चों को खड़े होकर सफर करना पड़ता है, धक्का-मुक्की की स्थिति बनती है और कई बार छोटे बच्चे चोटिल भी हो चुके हैं। सीट नहीं मिलने की वजह से कुछ विद्यार्थियों को बीच-बीच में स्कूल जाने से भी वंचित होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पिछले कई दिनों से प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा था, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी के विरोध में शनिवार को महिलाओं और अभिभावकों ने शांतिपूर्ण ढंग से बस रोककर अपनी मांग रखी।
स्थानीय महिला जोया खान ने कहा कि यह विरोध किसी प्रकार के टकराव के लिए नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि न्यू कैंप के विद्यार्थियों के लिए पहले की तरह अलग स्कूल बस सेवा जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए, ताकि बच्चे सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुंच सकें।

अभिभावकों ने यह भी बताया कि बरसात के मौसम में बस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बच्चों को पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है। इससे उनकी सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना भी हो सकती है।
फिलहाल अभिभावकों ने सेल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से बच्चों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अलग बस सेवा पुनः शुरू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन और प्रबंधन इस मामले में शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।







