किरीबुरु में सेल के मेडिकल कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय PAAR प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

किरीबुरु PAAR प्रशिक्षण कार्यक्रम

गुवा: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (एलएंडडी), किरीबुरु में मेडिकल एवं स्वास्थ्य सेवाओं (एम एंड एचएस) के कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय पॉजिटिव एटीट्यूड फॉर अचीविंग रिजल्ट्स (PAAR) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 7 और 8 जुलाई 2026 को आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन सेल के मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमटीआई) द्वारा किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में सकारात्मक सोच का विकास करना, कार्यकुशलता बढ़ाना, बेहतर पारस्परिक संबंध स्थापित करना तथा परिणामोन्मुख कार्य संस्कृति को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी कार्य परिवेश में केवल तकनीकी दक्षता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सकारात्मक दृष्टिकोण, प्रभावी संवाद, टीम भावना और चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने की क्षमता भी सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

किरीबुरु PAAR प्रशिक्षण कार्यक्रम

प्रशिक्षण का संचालन मैनेजमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ संकाय सदस्य एवं महाप्रबंधक (एचआर-एलएंडडी) डॉ. प्रणव कुमार कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक व्याख्यान, समूह चर्चा, केस स्टडी, व्यावहारिक अभ्यास और अनुभवात्मक शिक्षण जैसी आधुनिक प्रशिक्षण विधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को सकारात्मक सोच, तनाव प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संचार, आत्मविश्वास और कार्यस्थल पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के विभिन्न आयामों से अवगत कराया जा रहा है।

दो दिवसीय इस प्रशिक्षण में झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (JGOM) और ओडिशा ग्रुप ऑफ माइंस (OGOM) के मेडिकल एवं स्वास्थ्य सेवाओं के कुल 31 कर्मचारी भाग ले रहे हैं। इनमें झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस से केआईओएम के 12, जीओएम के 3 तथा एमओएम के 3 कर्मचारी शामिल हैं, जबकि ओडिशा ग्रुप ऑफ माइंस से बीओएम के 5, बीआईएम के 3 और केआईएम के 3 कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, विपरीत परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने, टीम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सेल प्रबंधन का मानना है कि इस पहल से कर्मचारियों में आत्मविश्वास, सेवा भावना और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता मजबूत होगी, जिससे संगठन की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

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