Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम के जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने अवैध रूप से एसएलआर (SLR) की जिंदा गोलियां रखने के मामले में दोषी पाए गए बीमा पुरती को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला वर्ष 2017 का है। जेटेया थाना कांड संख्या 09/2017 के तहत बीमा पुरती के खिलाफ आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट तथा यूएपीए की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, 12 अक्टूबर 2017 को गुप्त सूचना के आधार पर हतनाबेड़ा से हेस्सापी रोड पर छापेमारी की गई थी। इस दौरान पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन उसे पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान आरोपी के पैंट की जेब से 7.62 एमएम एसएलआर की 15 जिंदा गोलियां बरामद की गई थीं। पुलिस द्वारा गोलियों से संबंधित वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी कोई संतोषजनक जवाब या कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 14 जुलाई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने आरोपी बीमा पुरती को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए) के तहत दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
http://बोकारो : दिनदहाड़े अपराधियों ने शंकर रवानी को गोलियों से छलनी कर दिया हत्या







