ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध, आदिवासी हो समाज सेवानिवृत्त संगठन ने जेबीवीएनएल से लगाई रोक की मांग

चाईबासा, स्मार्ट मीटर, स्मार्ट मीटर विरोध

चाईबासा: चाईबासा नगर परिषद क्षेत्र से बाहर ग्रामीण इलाकों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाने का विरोध तेज हो गया है। आदिवासी हो समाज सेवानिवृत्त संगठन ने इस संबंध में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के महाप्रबंधक (वितरण), रांची को पत्र भेजकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।

संगठन के सचिव चंद्रमोहन बिरुवा ने पत्र में कहा है कि नगर परिषद सीमा से बाहर आने वाले गांवों में भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक, सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियां शहरी क्षेत्रों से पूरी तरह अलग हैं। ऐसे में शहरों की तरह ग्रामीण उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक नहीं है।

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उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को नगर परिषद क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन ग्रामीण इलाकों के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए। उनका कहना है कि गांवों में आज भी अनियमित बिजली आपूर्ति, लो वोल्टेज और तकनीकी खराबी जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। इसके बावजूद शहरी उपभोक्ताओं की तरह बिल वसूला जाना ग्रामीणों के साथ न्यायसंगत नहीं है।

संगठन ने मांग की है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं को पहले की तरह साधारण बिजली मीटर का उपयोग जारी रखने दिया जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी बिजली टैरिफ लागू नहीं किया जाए तथा बिजली आपूर्ति, बिलिंग और उपभोक्ता सेवाओं के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि शहर से सटे महुलसाई, तांबो, सिकुरसाई, सुफलसाई और सरजोमगुटू जैसे गांवों में स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में असंतोष है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आ रहा है। इसी कारण कई ग्रामीणों ने अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार कर दिया है।

संगठन ने जेबीवीएनएल से ग्रामीण उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए स्मार्ट मीटर स्थापना पर पुनर्विचार करने और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग नीति बनाने की मांग की है।

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