सरायकेला: पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता योगेंद्र साव द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंच से की गई अमर्यादित व अशोभनीय टिप्पणी को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
सरायकेला-खरसावां झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने एक इस आचरण को दुर्भाग्यपूर्ण, असंसदीय और लोकतांत्रिक गरिमा के पूर्णतः प्रतिकूल करार दिया है।

डॉ. शुभेंदु महतो ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री का पद केवल एक व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि राज्य के साढ़े तीन करोड़ नागरिकों के जनादेश, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक निर्णय पर असहमति दर्ज कराने के लिए लोकतांत्रिक मंच और विधिक विकल्प सदैव खुले रहते हैं, परंतु व्यक्तिगत दुर्भावना से प्रेरित होकर मर्यादा की सीमाएं लांघना स्वीकार्य नहीं हो सकता।
गठबंधन की गरिमा का उल्लेख करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद का मजबूत गठबंधन सत्ता में है। ऐसे में गठबंधन दल के एक जिम्मेदार नेता द्वारा अपनी ही सरकार के मुखिया पर ओछी टिप्पणी करना न केवल गठबंधन धर्म का उल्लंघन है, बल्कि इससे जमीनी कार्यकर्ताओं में गहरा रोष फैल रहा है।
डॉ. महतो ने कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व एवं आलाकमान से मांग की कि वे इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित नेता पर त्वरित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। साथ ही चेतावनी दी कि योगेंद्र साव अविलंब अपना बयान वापस लें और मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगें; अन्यथा पार्टी लोकतांत्रिक एवं विधिक कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।
इस अवसर पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, कृष्ण राणा तथा अमिताभ मुखर्जी सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।








