गम्हरिया : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार शनिवार को गम्हरिया प्रखंड मुख्यालय परिसर में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा लाए गए एमएमडीआर (MMDR) संशोधन कानून के विरोध में किया गया, जिसे झामुमो नेताओं ने झारखंड के हितों पर कुठाराघात और ‘काला कानून’ करार दिया। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय सदस्य सह सरायकेला विधानसभा प्रत्याशी गणेश महाली ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एमएमडीआर कानून के जरिए राज्य के संसाधनों पर कब्जा करने और जनता पर काला कानून थोपने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस जनविरोधी कानून को अविलंब वापस नहीं लिया, तो झामुमो सड़क से लेकर सदन तक जोरदार आंदोलन छेड़ेगा और जरूरत पड़ने पर राज्यभर में आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरायकेला विधानसभा क्षेत्र के तहत गम्हरिया के बाद सरायकेला और राजनगर प्रखंडों में भी यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
वहीं केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार राज्य के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। केंद्र सरकार की मनमानी नीतियों के खिलाफ महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो राज्य के स्तर पर व्यापक स्तर पर नाकेबंदी आंदोलन किया जाएगा।

बड़ी संख्या में उपस्थित रहे नेता व कार्यकर्ता:
इस एक दिवसीय धरना कार्यक्रम में केंद्रीय सदस्य गणेश चौधरी, नगर अध्यक्ष बीरेंद्र प्रधान, झायुमो ज़िला अध्यक्ष भुगलु सोरेन, प्रखंड अध्यक्ष भोमरा माँझी, अमृत महतो, ज़िला उपाध्यक्ष सोमदेव उर्फ विक्की प्रधान, सन्नी सिंह, राजेश गोप, बबलू प्रधान, रॉकी कालिंदी एवं मंगल माझी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा गम्हरिया प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों और पंचायतों से आए सैकड़ों महिला व पुरुष कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर एकजुटता का परिचय दिया।








