Adityapur (आदित्यपुर) : राज्य की राजधानी रांची में भारत मित्र नामक यूट्यूब चैनल चलाने वाला शख़्स अभिषेक भारती इन दोनों अपने चैनल पर पत्रकारो को बिकाऊ, अनाथ कहकर ख़ुद मज़ाक़ का पात्र बना हुआ है। इचागढ़ क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी से बालू के अवैध उत्खन करनेवाला बालू माफिया छोटू झा को बेनकाब करना अभिषेक भारती को इतना व्यथित कर दिया की ये अपने भारत मित्र यूट्यूब चैनल पर अपने और बालू माफिया छोटू झा की मित्रता को परोस दिया। खबर चलाने वाले पत्रकार को खूब बुरा भला बोला। बालू के अवैध कारोबार पर खबर चलने से इतनी बेचैनी की एक कथित जुआ संचालित से फ़ोन पर बात कर पत्रकार सचिन मिश्रा बदनाम करने की साज़िश रच डाली।
इसका कहना है कि छोटू झा से उसका मित्रता है इसलिए वह नहीं चाहते हुए भी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को बदनाम कर रहा है। अपनी ही वीडियो बनाकर ख़ुद को कह रहा है की उसे चैनल चलाना पड़ता है। इसलिए बालू कोयला माफिया से पैसा लेता है ख़ुद को बेईमान कह रहा है। और बाक़ी अन्य पत्रकार को भी बेईमान साबित करने के लिए भारत मित्र पर छोटू झा से मित्रता के खातिर षड्यंत्र रच रहा है।
बता दें कि राम मड़ैया बस्ती का रहनेवाला छोटू झा का करीबी दीपक नामक युवक से बोलवाया गया कि वह जुआ चलाता था और पत्रकार को तीन हज़ार हाफ मंथली दिया करता था। सचिन मिश्रा ने दीपक के ख़िलाफ़ पुलिस कंप्लेन करने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन चिंता का विषय है की पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है और अभिषेक भारती जैसा व्यक्ति जो बालू माफिया से चंद पैसे लेकर उसे को बचाने के लिए पत्रकारो के ख़िलाफ़ अमर्यादित टिप्पणी कर रहा है।
कौन है विवेक झा उर्फ छोटू झा ?
आदित्यपुर 1 के कॉलोनी निवासी विवेक झा। पहले ही जयप्रकाश उद्यान से रात के अंधेरे में बालू की चोरी करता था। लेकिन एक हत्या के बाद वह यहाँ से कारोबार बंद कर चांडिल अनुमंडल के इचागढ़ शिफ्ट हो गया। इसके बाद यह अंतरजिला बालू माफिया गिरोह का सरगना हो गया। इसके कई थानेदार और कुछ परमोटिव आईपीएस से लेनदेन का संबंध बन गया। दो व्यक्त के भोजन को संघर्ष करने वाला छोटू झा आज अवैध कमाई से लग्जरी गाड़ियो से सफ़र कर रहा है। कानो कान यह भी खबर है की झूठ का पहुँच दिखाकर सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस पदाधिकारियो से भी ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर पैसे ऐंठ रखा है। हालांकि की वर्तमान में इसकी पोलपट्टी खुल चुकी है इसलिए रांची से लेकर सरायकेला तक पुलिस इसपर नजर रख रही है। लेकिन खनन विभाग में इसकी पैठ अभी भी है, जिसके कारण ये अवैध बालू उत्खनन में अभी भी लिप्त है।
ईडी और सीबीआई तक शिकायत को तैयारी
एक साधारण परिवार का छोटू झा कुछ सालो में करोड़ो का बालू से अवैध कमाई की है। इनके सभी गाड़ी के नंबर और इनके द्वारा अलग अलग जगह किये गए निवेशों का पूरा ब्यौरा के साथ राज्य के मुख्यमंत्री, सीआईडी, ईडी और सीबीआई में शिकायत की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके अवैध कमाई के काफ़ी सबूत मिले है। कैसे कुछ वर्षों में ये करोड़ों का मालिक हुआ। बालू के काले कारोबार में कौन कौन इसे सहयोगी है ये तमाम बारे अनुसंधान के बाद सामने आ जाएगी।
अब रही अभिषेक भारती की तो इसके भारत मित्र यूट्यूब चैनल पर चले वीडियो को अगर गौर करने तो छोटू जा को बचाने को लेकर जो इसने बाते कही है हर खबर उसी तर्ज पर परोसता है। जहाँ से इसे नजराना मिलता है उसे बचाने के लिए कशीदे पढ़ता है। लेकिन जहाँ से इसे कुछ हासिल नहीं होता है उसके ख़िलाफ़ वीडियो बनाकर उसे बदनाम करता है। ऐसे लोग जो पत्रकार के नाम पर अवैध कारोबारी का संरक्षक की भूमिका में है इनपर भी कारवाई होनी चाहिए।
खबर से किसके पेट में लात लगी
अभिषेक भारती ख़ुद कह रहा है की किसी के पेट में लात नहीं मारना चाहिए.. मतलब की ख़बर के कारण छोटू झा का धंधा बंद है, लेकिन अवैध बालू उठाव से सरकारी राजस्व का नुकसान हो, नदियों का दोहन हो, ओवरलोडिंग से सड़कें टूटें और पर्यावरण को नुकसान पहुंचे इससे भारत मित्र के इस अभिषेक भारती को कोई लेना देना नहीं है।
कश्मकश में थे अब होगे बे-नकाब
अभिषेक भारती कश्मकश में था की अपनी ही बिरादरी के ख़िलाफ़ कैसे बोले… लेकिन बोलना पड़ा क्योंकि छोटू झा से मंथली का सवाल है। इसलिए रांची में रखकर जहाँ देशभर के न्यूज़ चैनल और यूट्यूबर छात्र को इंसाफ़ दिलाने का काम कर रहे है लेकिन ये भारत मित्र का अभिषेक भारती छोटू झा के लिए कश्मकश में है।








